Multai News : 12 जनवरी 1998 के शहीद किसान गोलीकांड की बरसी पर सोमवार को मुलताई में स्मृति कार्यक्रमों की शुरुआत हो गई। सुबह 10 बजे से मुलताई बस स्टैंड स्थित शहीद किसान स्तंभ पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष डॉ. सुनीलम के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
डॉ. सुनीलम ने बताया कि यह आयोजन वर्ष 1998 में पुलिस गोलीचालन में शहीद हुए 24 किसानों की स्मृति में किया जा रहा है। शहीद किसानों को नमन करने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से कई प्रख्यात हस्तियां मुलताई पहुंची हैं।
महात्मा गांधी के प्रपौत्र सहित कई नामचीन हस्तियां रहीं मौजूद
कार्यक्रम में महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी, बॉम्बे हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस बीजी कोलसे पाटिल, हिंद मजदूर किसान पंचायत के राष्ट्रीय महामंत्री असीम रॉय, वरिष्ठ पर्यावरणविद सौम्य दत्ता, सामाजिक कार्यकर्ता फिरोज मीठीबोरवाला, जन स्वास्थ्य अभियान (इंडिया) के संयोजक अमूल्य निधि, सामाजिक कार्यकर्ता नवनीत सिंह गांधी, भारतीय किसान यूनियन (परिवर्तनवादी) के संस्थापक चौधरी केपी सिंह, महावीर समता संदेश के संपादक हिम्मत सेठ और वरिष्ठ पत्रकार डॉ. सलीम खान प्रमुख रूप से शामिल हुए।
सुबह से श्रद्धांजलि कार्यक्रम जारी
डॉ. सुनीलम ने जानकारी दी कि सोमवार सुबह 9 बजे परमंडल स्थित शहीद किसान स्तंभ एवं शहीद मनोज चौरे को पुष्पांजलि अर्पित की गई। इसके बाद बस स्टैंड स्थित शहीद किसान स्तंभ पर मुख्य श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसी के साथ 28वें शहीद किसान स्मृति सम्मेलन और 337वीं किसान पंचायत का भी विधिवत शुभारंभ किया गया।
शहीद परिजनों का होगा सम्मान, घोषणा पत्र जारी किया जाएगा
सम्मेलन के दौरान शहीद किसानों के परिजनों को सम्मानित किया जाएगा। वहीं विद्या नर्मदा मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा शहीद किसानों की स्मृति में 30 प्रतिभाशाली छात्राओं को सम्मानित किया जाएगा। डॉ. सुनीलम ने बताया कि हर वर्ष की परंपरा के अनुसार सम्मेलन के समापन पर ‘मुलतापी घोषणा पत्र–2026’ जारी किया जाएगा, जिसमें किसानों से जुड़े प्रमुख मुद्दों और मांगों को शामिल किया जाएगा।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने शहीद किसानों को नमन करते हुए उनके संघर्ष को याद किया और किसान एकता को और मजबूत करने का संकल्प लिया।






