Multai News : मां ताप्ती की संपूर्ण परिक्रमा पदयात्रा इस वर्ष 2 जनवरी से मुलताई स्थित ताप्ती उद्गम स्थल से प्रारंभ होगी। यह पवित्र पदयात्रा 63 दिनों में लगभग 1800 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए 4 मार्च को पुनः मुलताई में ही संपन्न होगी। परिक्रमा के दौरान श्रद्धालु ताप्ती नदी के दक्षिण तट से गुजरात के सूरत स्थित डूमस के समुद्र संगम तक जाएंगे, जिसके बाद हजीरा से वापसी यात्रा कर परिक्रमा पूर्ण करेंगे।
परिक्रमा की तैयारियों को लेकर सोमवार को आयोजन समिति की बैठक आयोजित की गई। समिति के संयोजक राजू पाटनकर ने बताया कि यह मां ताप्ती संपूर्ण परिक्रमा पदयात्रा का चौथा वर्ष है। नर्मदा परिक्रमा की तर्ज पर चार वर्ष पूर्व शुरू की गई इस पदयात्रा में पहले वर्ष 19, दूसरे वर्ष 24 और तीसरे वर्ष 39 श्रद्धालुओं ने संपूर्ण परिक्रमा की थी, जबकि हजारों अन्य भक्तों ने अलग-अलग अवधियों में यात्रा में सहभागिता की।

सेवादारों से किया गया संपर्क
समिति के वरिष्ठ सदस्य लखमीचंद अग्रवाल ने बताया कि मुलताई से सूरत तक ताप्ती नदी के दोनों तटों पर पड़ने वाले दोपहर और शाम के पड़ाव स्थलों पर सेवादारों से संपर्क किया गया है। इसके लिए दो टोलियां गठित की गईं, जिन्होंने गांव-गांव जाकर पदयात्रियों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था को लेकर चर्चा की।
समिति सदस्य राजेश जैन, काशीनाथ साहू, सुनील पाटनकर, अनिल पवार और मनीष वाडबुदे ने बताया कि संपर्क अभियान के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में श्रद्धालुओं में परिक्रमा को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
मेडिकल कैंप और परिचय पत्र
कोष प्रभारी प्रमोद जैन, श्याम गवहाड़े, सुनील वानखेड़े और अजय गावंडे ने जानकारी दी कि 1 जनवरी को मुलताई के गजानन महाराज मंदिर परिसर में मेडिकल कैंप आयोजित किया जाएगा। इसी दिन सभी पदयात्रियों के परिचय पत्र भी बनाए जाएंगे। सौरभ जोशी, सचिन पुरी और संदीप सोनी ने बताया कि यह संपूर्ण परिक्रमा पूरी तरह निःशुल्क है तथा यात्रा से जुड़ी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं आयोजन समिति द्वारा की जा रही हैं।






