Multai Samachar : नगर के हरदोली डेम स्थित फिल्टर प्लांट में लापरवाही का मामला सामने आया है। गंदा पानी सप्लाई होने की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद विवेकानंद वार्ड की पार्षद अंजलि शिवहरे ने बुधवार को फिल्टर प्लांट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पानी की सफाई में उपयोग होने वाली ब्रिज रोटर मशीन बंद पाई गई, जिससे जल शुद्धिकरण प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

निरीक्षण के समय मौजूद नगरपालिका कर्मचारी ने बताया कि ब्रिज रोटर मशीन काफी समय से बंद है। इसके कारण पानी से गंदगी अलग करने की प्रक्रिया ठीक से नहीं हो पा रही है। इस पर पार्षद अंजलि शिवहरे ने नाराजगी जताते हुए जलप्रदाय प्रभारी योगेश अनेराव से चर्चा की और मशीन को शीघ्र चालू कराने के निर्देश दिए। जलप्रदाय प्रभारी ने जल्द ही मशीन शुरू कराने का आश्वासन दिया है।
पार्षद अंजलि शिवहरे ने बताया कि कुछ माह पूर्व भी दूषित पानी की सप्लाई के कारण शहर में कई लोग बीमार हो गए थे। उन्होंने कहा कि नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना नगरपालिका की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। हाल ही में फिर से गंदा पानी आने की शिकायतें मिलने पर ही फिल्टर प्लांट का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान फिल्टर प्लांट परिसर में बनी पानी जांच लैब भी बंद मिली। जानकारी के अनुसार लैब टेक्नीशियन की नियुक्ति नहीं होने के कारण यह लैब लंबे समय से बंद है। वर्तमान में केवल पानी का टीडीएस और पीएच स्तर ही जांचा जा रहा है।
अन्य आवश्यक जांचों के लिए पानी के नमूने महीने में एक बार बैतूल भेजे जाते हैं, जबकि रोजाना पानी की जांच बेहद जरूरी होती है। इसमें पानी का रंग, स्वाद, कठोरता और बैक्टीरिया की जांच शामिल है, लेकिन लैब बंद होने के कारण यह प्रक्रिया नियमित रूप से नहीं हो पा रही है।

पार्षद अंजलि शिवहरे ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी से मांग की है कि शीघ्र ही लैब टेक्नीशियन की नियुक्ति कर पानी जांच लैब को दोबारा शुरू कराया जाए, ताकि नगरवासियों को शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।






