Multai ki Khaber : ताप्ती नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए मुलताई नगर पालिका परिषद ने सख्त रुख अपनाया है। नगरीय क्षेत्र से नदी में गंदा पानी छोड़े जाने की लगातार मिल रही शिकायतों और जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों के औचक निरीक्षण के बाद नगर पालिका ने 12 मकान मालिकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।
नगर पालिका के सब इंजीनियर महेश शर्मा ने बताया कि नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि ताप्ती नदी में गंदा पानी, नालियों का जल, कचरा या किसी भी प्रकार का अपशिष्ट छोड़ना पर्यावरण और जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर रूप से हानिकारक है। नगर पालिका अधिनियम और पर्यावरण संरक्षण नियमों के तहत ऐसी गतिविधियां प्रतिबंधित हैं।
लगातार मिल रही थीं शिकायतें
अधिकारियों के अनुसार, प्रतिबंधों के बावजूद कुछ क्षेत्रों से नदी में गंदा पानी छोड़े जाने की शिकायतें सामने आ रही थीं। ताप्ती नदी धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसकी स्वच्छता बनाए रखना सभी नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
समुचित निकास व्यवस्था करने की अपील
नगर पालिका परिषद ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों से निकलने वाले गंदे पानी के समुचित निकास और निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करें। नोटिस में यह भी चेतावनी दी गई है कि भविष्य में यदि ताप्ती नदी में गंदा पानी या अपशिष्ट छोड़े जाने की घटनाएं पाई गईं, तो दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र भेजा
इस संबंध में नगर पालिका अधिकारी द्वारा जारी पत्र की प्रतिलिपि नगर पालिका परिषद मुलताई की अध्यक्ष और उपयंत्री को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है। प्रशासन ने नागरिकों से नियमों का पालन करने और ताप्ती नदी की पवित्रता बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।






