Multai Crime News : मुलताई में बिना अनुमति चल रहा ‘कलर्स हॉस्पिटल’, बच्चों के इलाज में गंभीर अनियमितताओं का आरोप

On: December 28, 2025 9:35 AM
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Multai Crime News : मुलताई नगर में बच्चों के इलाज के नाम पर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। पूर्व वित्त मंत्री सुखदेव पांसे के निवास के समीप संचालित कलर्स हॉस्पिटल नामक क्लिनिक/अस्पताल पर बिना वैधानिक अनुमति इलाज किए जाने के गंभीर आरोप लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह अस्पताल महाराष्ट्र के डॉक्टरों द्वारा संचालित किया जा रहा है, जबकि इसके लिए न तो मध्यप्रदेश शासन से कोई पंजीयन लिया गया है और न ही पैथोलॉजी जांचों, यहां तक कि खून की जांच की भी स्वीकृति है।

बिना अनुमति भर्ती और जांचें

जानकारी के अनुसार, अस्पताल में रोजाना बच्चों को भर्ती किया जा रहा है और विभिन्न प्रकार की जांचें कराई जा रही हैं। परिजनों से इलाज के नाम पर मोटी रकम वसूली जा रही है। हैरानी की बात यह है कि अस्पताल परिसर में किसी भी डॉक्टर की डिग्री, पंजीयन नंबर या पहचान संबंधी जानकारी कहीं प्रदर्शित नहीं की गई है, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि इलाज करने वाले डॉक्टर किस योग्यता के हैं और उन्हें मध्यप्रदेश में प्रैक्टिस करने की अनुमति है या नहीं।

महाराष्ट्र से रोजाना आ रहे डॉक्टर

स्थानीय नागरिकों के अनुसार, रोजाना महाराष्ट्र से अलग-अलग डॉक्टर मुलताई आकर इस क्लिनिक में बैठते हैं और बच्चों का इलाज करते हैं। स्वास्थ्य नियमों के तहत बिना पंजीकरण और शासन की अनुमति के किसी भी बाहरी राज्य के डॉक्टर द्वारा मध्यप्रदेश में क्लिनिक या अस्पताल संचालित करना अवैधानिक है।

एक ही मेडिकल स्टोर से दवाइयां

आरोप यह भी हैं कि डॉक्टरों द्वारा लिखी जा रही दवाइयां केवल इसी अस्पताल से जुड़े मेडिकल स्टोर से ही उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे कमीशनखोरी की आशंका भी जताई जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर सवाल

हाल ही में मध्यप्रदेश में कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामले सामने आ चुके हैं। इसके बावजूद इस तरह के कथित अवैध अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग की ढिलाई चिंता का विषय बनती जा रही है।

जांच के आदेश

इस मामले में सीएमएचओ मनोज हुरमाड़े ने कहा,
“यदि मुलताई में बिना अनुमति कोई अस्पताल या क्लिनिक संचालित हो रहा है और बाहरी राज्य के डॉक्टर इलाज कर रहे हैं, तो यह नियमों के खिलाफ है। संबंधित अधिकारियों को मौके पर जाकर जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।”

अब देखना यह है कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और स्वास्थ्य विभाग इस मामले में कितनी सख्ती दिखाता है।

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