CMO Action Betul : बैतूल में नगर परिषद–बिजली विभाग आमने-सामने: अवैध निर्माण पर नोटिस, बकाया बिल ने बढ़ाया विवाद

On: April 29, 2026 11:17 AM
Follow Us:

CMO Action Betul : बैतूल। शहर में नगर परिषद और बिजली विभाग के बीच विवाद एक बार फिर गहरा गया है। इस बार मामला बिजली बिल और कथित अवैध भवन निर्माण को लेकर सामने आया है, जिससे दोनों विभाग आमने-सामने आ गए हैं।

अवैध निर्माण बताकर जारी किया नोटिस
नगर परिषद ने बिजली विभाग को नोटिस जारी करते हुए वार्ड क्रमांक 01 शिवाजी वार्ड, मोक्षधाम मार्ग स्थित एक भवन को अवैध निर्माण बताया है। नोटिस में कहा गया है कि यह निर्माण बिना अनुमति के किया गया है, जो अधिनियम 1961 की धारा 187 का उल्लंघन है। विभाग को सात दिनों के भीतर भवन निर्माण स्वीकृति के दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, अन्यथा भवन को हटाने या ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाएगी और इसका खर्च भी संबंधित कंपनी से वसूला जाएगा।

बिजली विभाग ने जताया आश्चर्य
इस मामले में बिजली विभाग के सहायक अभियंता शुभम अमरूते ने कहा कि उन्हें भी नोटिस के माध्यम से ही भवन को अवैध बताए जाने की जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि संबंधित भवन का जल कर और भवन कर मार्च माह में ही नगर पालिका में जमा किया जा चुका है। अमरूते ने नोटिस को आश्चर्यजनक बताते हुए कहा कि विभाग निर्धारित समय सीमा में इसका जवाब देगा।

बकाया बिजली बिल भी बना विवाद का कारण
बिजली विभाग का दावा है कि नगर परिषद पर 4 लाख 58 हजार 999 रुपए का बिजली बिल बकाया है। सहायक अभियंता के अनुसार, भीषण गर्मी और जल आपूर्ति की गंभीरता को देखते हुए अभी तक बिजली काटने की कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व में बिलों में राशि का समायोजन किया जा चुका है और इसकी जानकारी सीएमओ को दी गई थी।

पुराना विवाद, फिर बढ़ी तनातनी
सूत्रों के अनुसार, दोनों विभागों के बीच यह विवाद नया नहीं है। हाल ही में नगर परिषद के खाते से करीब 6.50 लाख रुपए बिना बकाया के बिजली विभाग को ट्रांसफर होने का मामला सामने आया था, जिसे सीएमओ ने पकड़ा था। इसके बाद से दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ है। साथ ही बिजली विभाग की विजिलेंस टीम द्वारा पूर्व में कुछ अनियमितताएं पकड़े जाने की बात भी सामने आई है।

स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज
अब अवैध निर्माण के नोटिस और बकाया बिजली बिल के मुद्दे ने इस पूरे विवाद को और गरमा दिया है। एक ओर नगर परिषद कार्रवाई की बात कर रही है, तो दूसरी ओर बिजली विभाग अपने पक्ष में कर भुगतान और बकाया राशि का हवाला दे रहा है। फिलहाल, शहर में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की नजर आगे की कार्रवाई पर टिकी है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment