Betul News: मध्य प्रदेश के बैतूल–भोपाल नेशनल हाईवे (NH-46) पर अधूरे निर्माण के बावजूद टोल वसूली का मामला अब संसद तक पहुंच गया है। राज्यसभा में कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने इस विषय को उठाते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से जवाब मांगा और इसे आम जनता के हितों के खिलाफ बताया।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि नितिन गडकरी देश के सबसे कार्यकुशल मंत्रियों में गिने जाते हैं, लेकिन ऐसी सड़कों पर टोल वसूलना, जहां निर्माण कार्य अधूरा और सड़क की हालत खराब हो, न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि मंत्री स्वयं बैतूल आकर सड़क की स्थिति देख चुके हैं और अधिकारियों को फटकार भी लगा चुके हैं, इसके बावजूद टोल वसूली जारी रहना चिंताजनक है।
कुंडी टोल प्लाजा बना विवाद की जड़
यह पूरा विवाद शाहपुर क्षेत्र के कुंडी टोल प्लाजा से जुड़ा हुआ है। बैतूल से इटारसी के बीच कई हिस्सों में सड़क उखड़ी हुई है, डामरीकरण अधूरा है और जगह-जगह निर्माण कार्य चल रहा है। ऐसे में वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोग लंबे समय से इस टोल प्लाजा को हटाने या वसूली रोकने की मांग कर रहे हैं।
नीति स्पष्ट करने की मांग
सामाजिक संगठनों और नागरिकों का कहना है कि जब तक सड़क पूरी तरह मानकों के अनुरूप तैयार नहीं हो जाती, तब तक टोल वसूली नहीं होनी चाहिए। संसद में मामला उठने के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि केंद्र सरकार अधूरी या खराब सड़कों पर टोल को लेकर कोई स्पष्ट और सख्त नीति बनाएगी।
सात साल बाद भी अधूरा फोरलेन
करीब 995 करोड़ रुपये की लागत से बन रही बैतूल–औबेदुल्लागंज फोरलेन परियोजना 2017 में शुरू हुई थी, लेकिन सात साल बीत जाने के बाद भी यह पूरी नहीं हो सकी है। ठेके की समयसीमा 2023 में खत्म हो चुकी है, इसके बावजूद निर्माण एजेंसी को अब तक तीन बार समय बढ़ाया जा चुका है।
गड्ढों से भरी सड़क, सिंगल लेन बनी मुसीबत
बरेठा घाट का इलाका अब भी सिंगल लेन में सिमटा हुआ है और यह मामला फिलहाल हाईकोर्ट में विचाराधीन है। भौंरा से इटारसी तक कई जगह सड़क पूरी तरह टूट चुकी है, जहां 5–5 फीट तक चौड़े गड्ढे बन गए हैं। इटारसी के आसपास भी सड़क संकरी और खराब हालत में है।
अधूरी सुविधाओं के बीच शुरू हुआ टोल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क पर न तो पर्याप्त संकेतक लगे हैं, न ही स्ट्रीट लाइट और सर्विस रोड की व्यवस्था है। शाहपुर, भौंरा और पाढर जैसे इलाकों में अंधेरे के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। विभागीय जानकारी के अनुसार, बाघ कॉरिडोर के चलते करीब 21 किलोमीटर क्षेत्र में काम रुका हुआ है, जो बागदेव से केसला, बरेठा घाट और भौंरा तक फैला है।
इसके बावजूद 21 मई 2025 से इस मार्ग पर टोल वसूली शुरू कर दी गई, जिससे यात्रियों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि जब सड़क अधूरी है, तो टोल वसूली पूरी तरह अनुचित है।






