Betul News: बैतूल जिले के खेड़ी सांवलीगढ़ क्षेत्र में सक्रिय एक बड़े साइबर गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। यह गिरोह जनधन और सामान्य खातों सहित कुल 7 बैंक खातों का इस्तेमाल करके लगभग 9.85 करोड़ रुपये का अवैध लेन–देन कर रहा था। हैरानी की बात यह है कि ये खाते स्थानीय मजदूर और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के थे, जिन्हें अपने ही खातों में हो रहे करोड़ों के ट्रांजैक्शन की जानकारी तक नहीं थी।
गिरोह का मुख्य सरगना बैंक ऑफ महाराष्ट्र में अस्थायी कर्मचारी के रूप में काम कर चुका राजा उर्फ आयुष चौहान निकला। उसने बैंक में उपलब्ध ग्राहकों के दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ कर खातों में फर्जी मोबाइल नंबर जोड़ दिए। इसके बाद उन्हीं खातों पर नए ATM कार्ड, पासबुक, चेकबुक और नेट बैंकिंग सक्रिय करवाकर सारी सामग्री इंदौर में रहने वाले अपने ममेरे जीजा अंकित राजपूत को भेजता था।
अंकित राजपूत साइबर धोखाधड़ी का मुख्य संचालक था, जो मुंबई, अहमदनगर, हरियाणा, बेंगलुरु में बैठे फिशिंग, गेमिंग स्कैम और क्रिप्टो फ्रॉड करने वाले ठगों से संपर्क में था। वह उनके द्वारा ठगी गई रकम को इन फर्जी सक्रिय खातों में मंगवाकर मनी लॉन्ड्रिंग की तरह इस्तेमाल करता था।
जिन खातों का उपयोग हुआ, वे बिरसाम इवने, नर्मदा इवने, मुकेश उइके, नितेश उइके, राजेश बर्डे, अमोल और चंदन नामक ग्रामीणों के थे। जून से नवंबर के बीच इन खातों में करोड़ों की राशि घूमती रही।
बैतूल पुलिस ने पूरी जांच के बाद राजा उर्फ आयुष चौहान, अंकित राजपूत और नरेंद्र राजपूत को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अवैध रकम आगे कहां और कैसे ट्रांसफर की।






