Betul News : बैतूल शहर में क्रिसमस पर्व धार्मिक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। ऐतिहासिक सेंट जॉन्स ईएलसी चर्च सहित शहर के सभी गिरजाघरों में विशेष प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया गया। कोठीबाजार स्थित सेंट जॉन्स ईएलसी चर्च बैतूल का प्रमुख और सबसे पुराना धार्मिक केंद्र माना जाता है।

इस चर्च की स्थापना वर्ष 1880 में रेवरेंट पास्टर पी. कॉल्सन द्वारा की गई थी। बाद में रेवरेंट एफ. योहानशन के प्रयासों से चर्च का भव्य निर्माण हुआ और यहां पहली आराधना वर्ष 1914 में संपन्न हुई थी। लगभग 110 वर्ष पुराने इस चर्च में क्रिसमस से जुड़े कार्यक्रम 30 नवंबर से ही प्रारंभ हो गए थे।
क्रिसमस की पूर्व संध्या पर रविवार शाम को ज्योति आराधना का आयोजन किया गया, जबकि सोमवार सुबह 5 बजे से करीब तीन घंटे तक विशेष प्रार्थना सभा चली। आराधना का संचालन पास्टर रेवरेंट फादर सीनियार्ड कुमार मुंजी ने किया। उन्होंने प्रभु यीशु मसीह के प्रेम, एकता, मानवता और देश में शांति व सद्भाव का संदेश दिया। दोपहर में समाज के लोगों के लिए सामूहिक भोज का आयोजन भी किया गया।
क्रिसमस पर्व के अवसर पर रोमन कैथोलिक डॉन बोस्को चर्च (सदर) में प्रभु यीशु के जन्म से जुड़ी आकर्षक झांकियां सजाई गईं। वहीं पेंटीकोस्टल चर्च में भजन-संगीत और विशेष आराधना के माध्यम से पर्व मनाया गया।

क्रिसमस के दिन सेंट जॉन्स चर्च दोपहर बाद से श्रद्धालुओं के लिए खुला रहा। बड़ी संख्या में लोग देर रात तक चर्च पहुंचकर कैंडल जलाते और प्रार्थना करते नजर आए। शहर के सभी चर्चों में रोशनी, सजावट और भक्ति संगीत के चलते उत्सवपूर्ण माहौल बना रहा।






