Betul Fraud News: बैतूल में स्वच्छ भारत मिशन के तहत सामने आए करीब 13 करोड़ रुपये के घोटाले में पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। रविवार को आशीष बिसेन को हिरासत में लिया गया, जिस पर मुख्य आरोपी राजेंद्र परिहार को छिपाने और गबन की रकम से संपत्ति खरीदने में मदद करने के गंभीर आरोप हैं। इस मामले में यह छठी गिरफ्तारी मानी जा रही है।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आशीष बिसेन, फरार चल रहे राजेंद्र परिहार का रिश्ते में मामा है। आशीष भोपाल के ऐशबाग थाना क्षेत्र स्थित नवीन नगर में किराए के कमरे में रहकर पढ़ाई कर रहा था। 17 मार्च 2025 को राजेंद्र परिहार अपनी पत्नी अंशु पटले के साथ उसी कमरे में पहुंचा और कुछ समय तक वहीं छिपकर रहा।
जांच के मुताबिक राजेंद्र ने आशीष को बताया था कि पुलिस कभी भी उसे गिरफ्तार कर सकती है। उसी दिन शाम के समय वह आशीष का मोबाइल फोन लेकर वहां से चला गया। इसके बाद आशीष ने नया सिम कार्ड लिया और राजेंद्र को रानी कमलापति रेलवे स्टेशन तक छोड़ने भी गया। पुलिस का कहना है कि इन सभी घटनाओं से साफ है कि आशीष ने जानबूझकर मुख्य आरोपी को बचाने में सहयोग किया।
मामले में यह भी सामने आया है कि आशीष बिसेन ने गबन की राशि का इस्तेमाल कर बालाघाट जिले के ग्राम बोटेझरी में करीब एक एकड़ जमीन खरीदी। इस जमीन की कीमत लगभग 25 लाख रुपये बताई जा रही है। जांच में सामने आया है कि 15 लाख रुपये राजेंद्र के मित्र युगेन्द्र राहंगडाले उर्फ दीपक से और 10 लाख रुपये सरोज वाराविसनी के बैंक खाते के माध्यम से दिए गए थे।
एसडीओपी मयंक तिवारी ने बताया कि अब तक इस घोटाले में छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। मुख्य आरोपी राजेंद्र परिहार की तलाश के लिए विशेष पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। इस कार्रवाई में शाहपुर थाना प्रभारी देवकरन डेहरिया, चोपना थाना प्रभारी रवि शाक्य और उप निरीक्षक दिलीप यादव की अहम भूमिका रही है।
गौरतलब है कि यह पूरा मामला जनपद पंचायत चिचोली में स्वच्छ भारत मिशन के तहत हुए करीब 13 करोड़ रुपये के गबन से जुड़ा है। जांच में कई पंचायत कर्मियों और अधिकारियों की भूमिका सामने आ चुकी है और पुलिस आगे भी कार्रवाई जारी रखने की बात कह रही है।






