Betul Fraud News : बैतूल में अंतरराष्ट्रीय साइबर बेटिंग रैकेट का खुलासा, दुबई–इंदौर लिंक से करोड़ों की हेराफेरी

On: December 16, 2025 9:40 AM
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Betul Fraud News : बैतूल जिले में पुलिस ने साइबर अपराध के एक संगठित और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। दुबई से संचालित अवैध ऑनलाइन बेटिंग रैकेट के खिलाफ की गई कार्रवाई में अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह विदेशी बेटिंग वेबसाइटों के माध्यम से क्रिकेट, कैसीनो और अन्य खेलों पर सट्टा लगवाकर लगभग ₹9.84 करोड़ की साइबर ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग कर चुका है।

मजदूर के खाते से खुला राज

इस बड़े रैकेट की परतें तब खुलीं जब खेड़ी सावलीगढ़ के एक मजदूर के बैंक खाते में अचानक करोड़ों रुपए के लेन-देन का पता चला। खाते की स्थिति उसके आर्थिक हालात से मेल नहीं खा रही थी। शिकायत पर जब पुलिस ने जांच की, तो मालूम हुआ कि गांव के कई लोगों के साथ-साथ एक मृत व्यक्ति का बैंक खाता भी म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था।

बैंक खातों पर कब्जे का खेल

जांच में सामने आया कि ठगों ने बैंकिंग प्रक्रिया की खामियों और अंदरूनी मिलीभगत का फायदा उठाया। खाताधारकों की जानकारी हासिल कर मोबाइल नंबर बदलवाए गए, नए एटीएम कार्ड निकलवाए गए और इंटरनेट बैंकिंग के जरिए खातों पर पूरा नियंत्रण कर लिया गया। इन खातों के जरिए अवैध रकम को बार-बार घुमाकर उसे वैध दिखाने की कोशिश की गई।

दुबई से वेबसाइट, इंदौर से मैनेजमेंट

डिजिटल साक्ष्यों की जांच करते हुए बैतूल पुलिस की साइबर सेल इंदौर तक पहुंची। यहां से पूरे नेटवर्क का संचालन हो रहा था। जांच में सामने आया कि दुबई से जुड़ी कई अवैध ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइटों की मास्टर आईडी भारत में बेची जा रही थीं। इन्हीं आईडी के जरिए देशभर में सट्टेबाजी का खेल चलाया जा रहा था।

फर्जी कारोबार की आड़ में मनी लॉन्ड्रिंग

अवैध कमाई को छिपाने के लिए आरोपियों ने कागजों में फर्जी फर्म और दुकानें खड़ी कीं। दुकानों में दिखावे के लिए डमी सामान रखा गया, ताकि बैंक निरीक्षण में लेन-देन वास्तविक लगे। इन खातों से करोड़ों रुपए का ट्रांजैक्शन कर पैसा रियल एस्टेट, सोने के व्यापार और लग्जरी वाहनों में लगाया गया।

गिरफ्तारी और नेटवर्क का खुलासा

अब तक की कार्रवाई में इंदौर, खंडवा और बैतूल से 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें बैंक से जुड़ा कर्मचारी, फर्जी फर्म संचालक, सिम एजेंट और म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने वाले लोग शामिल हैं। जांच में यह भी सामने आया कि अवैध सिम कार्ड और बायोमेट्रिक दुरुपयोग के जरिए पूरे नेटवर्क को तकनीकी सहारा दिया जा रहा था।

जब्ती और आगे की कार्रवाई

पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, पासबुक और अन्य डिजिटल सामग्री जब्त की है, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। दुबई कनेक्शन से जुड़ी जानकारियां केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दी गई हैं।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, साइबर और आर्थिक अपराधों पर सख्त रुख अपनाया गया है। मनी ट्रेल की गहराई से जांच कर इस नेटवर्क से जुड़े हर व्यक्ति तक पहुंचने की कार्रवाई जारी रहेगी

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