Betul Crime News : बैतूल जिले में ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। गंज थाना क्षेत्र में रहने वाले 80 वर्षीय सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी से ठगों ने 23 लाख 50 हजार रुपए की ठगी कर ली। पीड़ित की पहचान बसंत कुमार मैदमवार निवासी विनायक रेसिडेंसी, ऑयल मिल के पास बैतूल के रूप में हुई है। वे भारतीय स्टेट बैंक से हेड कैशियर पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। पीड़ित ने मंगलवार को गंज थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार ठगी की शुरुआत 27 नवंबर 2025 को हुई, जब बसंत कुमार के मोबाइल पर एक वॉट्सऐप वीडियो कॉल आया। कॉल स्क्रीन पर ‘दिल्ली पुलिस’ लिखा हुआ दिखाई दे रहा था। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताया और कहा कि उनके आधार कार्ड से दिल्ली में एक सिम कार्ड जारी हुआ है, जिसका उपयोग ब्लैकमेलिंग और मनी लॉन्ड्रिंग जैसी गतिविधियों में किया गया है।
13.50 लाख और फिर 10 लाख रुपए ट्रांसफर कराए
ठगों ने पीड़ित को यह कहकर डराया कि उनके खिलाफ दिल्ली क्राइम ब्रांच में एफआईआर दर्ज है और उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर लिया गया है। लगातार कॉल कर मानसिक दबाव बनाया गया और गिरफ्तारी से बचाने व खातों की जांच के नाम पर रुपए ट्रांसफर करने को कहा गया। डर के चलते बसंत कुमार ने 1 दिसंबर 2025 को अपने एसबीआई खाते से 13.50 लाख रुपए यस बैंक खाते में और 10 लाख रुपए फिनो बैंक खाते में आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर कर दिए।
ठगी का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित बैंक में गोल्ड लोन लेने पहुंचे। वहां बैंक प्रबंधक ने उन्हें साइबर ठगी की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने गंज थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे प्रयास
उल्लेखनीय है कि बैतूल जिले में ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर ठगी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले सारणी क्षेत्र में इसी तरह के प्रयास में पुलिस ने समय रहते एक सेवानिवृत्त कोल कर्मी को ठगों के चंगुल से बचा लिया था, जिससे 75 लाख रुपए की ठगी होने से रोक ली गई थी।
एसपी की अपील
पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने स्पष्ट किया कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ नाम की कोई वैधानिक प्रक्रिया नहीं होती। कोई भी पुलिस या जांच एजेंसी फोन या वॉट्सऐप कॉल के जरिए गिरफ्तारी की धमकी देकर पैसे नहीं मांगती। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी अनजान कॉल या संदेश से भयभीत न हों और साइबर ठगी की आशंका होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।






