Betul Crime News : बैतूल जिला अस्पताल के शौचालय में मिले नवजात शिशु के शव के मामले में घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस को कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग सका है। शुक्रवार को अस्पताल परिसर में यह भ्रूण मिलने से हड़कंप मच गया था, लेकिन जांच की रफ्तार पर अब सवाल उठने लगे हैं।
अस्पताल की आरएमओ रानू वर्मा ने बताया कि मिला भ्रूण करीब 7 से 8 माह का था। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौके पर प्लेसेंटा नहीं मिला, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि शिशु का जन्म अस्पताल के बाहर कहीं हुआ और बाद में शव को अस्पताल के शौचालय में लाकर फेंका गया। आरएमओ के अनुसार शौचालय की सफाई सुबह 7 से 8 बजे के बीच की गई थी, जबकि नवजात का शव दोपहर के समय मिला।
सीसीटीवी जांच पर उठे सवाल
घटना के बाद पुलिस ने अस्पताल परिसर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, लेकिन बताया जा रहा है कि पुलिस ने केवल लगभग पौन घंटे का ही फुटेज देखा। जबकि शौचालय की सफाई के बाद से लेकर दोपहर में शव मिलने तक के पूरे समय का फुटेज देखा जाना चाहिए था। यही कारण माना जा रहा है कि अब तक किसी संदिग्ध व्यक्ति की स्पष्ट पहचान नहीं हो सकी है। उल्लेखनीय है कि नवजात का शव महिला प्रसूति वार्ड में नहीं, बल्कि अस्पताल के मुख्य भवन के शौचालय में मिला था।
जांच में लापरवाही के आरोप
इस मामले की जांच कोतवाली पुलिस द्वारा महिला अधिकारी चित्रा कुमरे को सौंपी गई है। बताया जा रहा है कि उन्होंने मौके पर घटना से संबंधित कोई वीडियो रिकॉर्ड नहीं किया, जिससे कई अहम सुराग छूटने की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस और अस्पताल स्टाफ के बयानों में विरोधाभास
पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट में बताया गया था कि नवजात का शव शौचालय के चैंबर में मिला, जबकि अस्पताल स्टाफ का कहना है कि शव शौचालय के अंदर पाया गया था। इन विरोधाभासी बयानों ने भी मामले को और उलझा दिया है।
एसपी ने दिया जल्द गिरफ्तारी का भरोसा
कोतवाली पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने इस घटना को “अत्यंत अमानवीय कृत्य” बताया है। उन्होंने कहा कि आरोपी की पहचान कर उसे शीघ्र गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
एसपी ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी के पास इस घटना से जुड़ी कोई भी जानकारी हो, तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या डायल 112 पर सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।






