Betul News : बैतूल। बैतूल जिले में भूमि धारित कोटवार इन दिनों खाद संकट से जूझ रहे हैं। फार्मर आईडी नहीं बनने के कारण उन्हें डीएपी, यूरिया और अन्य आवश्यक खाद के लिए टोकन नहीं मिल पा रहे हैं। इस समस्या को लेकर मंगलवार को मध्यप्रदेश ग्राम रक्षक कोटवार चौकीदार संघ ने एक बार फिर प्रशासन के सामने नाराजगी जताई।
संघ के प्रतिनिधियों ने अपर कलेक्टर वंदना जाट को ज्ञापन सौंपकर जिले के सभी भूमि धारित कोटवारों की फार्मर आईडी अन्य किसानों की तरह बनाने की मांग की। संघ का आरोप है कि पोर्टल पर उन्हें “भूमि स्वामी नहीं” दर्शाया जा रहा है, जिसके चलते वे सरकारी व्यवस्था के तहत खाद प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं।
संघ ने बताया कि कुछ माफी और सेवा भूमि धारित कोटवारों की फार्मर आईडी बन चुकी है, लेकिन जिले के अधिकांश कोटवार अब भी इस सुविधा से वंचित हैं।
कोटवारों का कहना है कि उन्हें शासन से मिलने वाला पारिश्रमिक बेहद कम है, इसलिए खेती ही उनके परिवार की आय का मुख्य साधन है। मालगुजारी शासनकाल और बाद में सरकार द्वारा दी गई भूमि पर खेती कर वे अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। ऐसे में समय पर खाद नहीं मिलने से उनकी खेती प्रभावित हो रही है।
संघ ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो बुआई प्रभावित होगी और कोटवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा।
कोटवार संघ ने बताया कि इस मांग को लेकर वे पहले भी दो बार प्रदर्शन कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। उन्होंने प्रशासन से जल्द आदेश जारी कर फार्मर आईडी बनाने और बुआई से पहले आवश्यक खाद उपलब्ध कराने की मांग की है।






