Multai News : मुलताई (बैतूल)। क्षेत्र के परमंडल, डहुआ सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में शनिवार को हुई भीषण ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी। करीब 20 मिनट तक लगातार गिरे बड़े-बड़े ओलों ने गेहूं और सब्जियों की फसलों को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया। खेतों में ओलों की मोटी परत जमने से फसलें दबकर नष्ट हो गईं।
खेतों में बिछ गई गेहूं की फसल
रविवार को प्राकृतिक आपदा के बाद प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। अपर कलेक्टर वंदना जाट, एसडीएम राजेश कहार और तहसीलदार संजय बारिया सहित राजस्व टीम ने प्रभावित गांवों का दौरा कर खेतों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान देखा गया कि गेहूं की बालियां जमीन पर बिछ चुकी थीं, वहीं सब्जियों की फसल पूरी तरह खराब हो गई है।
90 प्रतिशत तक नुकसान का अनुमान
प्रारंभिक आकलन के अनुसार, गेहूं और सब्जियों की फसल को लगभग 90 प्रतिशत तक नुकसान पहुंचा है। किसानों ने बताया कि तेज बारिश के साथ बड़े आकार के ओले गिरे, जिससे खेतों में करीब 4 इंच तक ओलों की परत जम गई। इस कारण फसलें दबकर सड़ने लगी हैं।
मुआवजे की मांग, प्रशासन ने दिया आश्वासन
प्रभावित किसानों ने प्रशासन से जल्द सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि इस भारी नुकसान से उनकी आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ेगा।
अपर कलेक्टर वंदना जाट ने किसानों को आश्वस्त किया कि शासन के निर्देशानुसार शीघ्र सर्वे कराया जाएगा। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित क्षेत्रों का विस्तृत सर्वे कर जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि पात्र किसानों को राहत राशि दी जा सके।

किसानों में चिंता का माहौल
इस ओलावृष्टि के बाद पूरे क्षेत्र में किसानों के बीच चिंता का माहौल है। फसल चौपट होने से आने वाले समय में खेती और परिवार के भरण-पोषण को लेकर संकट खड़ा हो गया है। अब किसानों की निगाहें प्रशासनिक सहायता और मुआवजे पर टिकी हैं।






