Multai News : मां ताप्ती के संरक्षण और समग्र विकास को लेकर मुलताई में एक बार फिर आवाज बुलंद हो गई है। मंगलवार को ताप्ती भक्तों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर वर्तमान निजी मंदिर ट्रस्ट को भंग कर एक नया शासकीय एवं व्यापक “समग्र ताप्ती ट्रस्ट” बनाने की मांग की।
भक्त दिनेश कालभोर और गोलू उघड़े ने आरोप लगाया कि मौजूदा ट्रस्ट केवल एक मंदिर तक सीमित होकर कार्य कर रहा है, जबकि मां ताप्ती का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व इससे कहीं अधिक व्यापक है। उन्होंने कहा कि ताप्ती क्षेत्र में स्थित प्राचीन मंदिर, अन्य धार्मिक स्थल, मंदिरों की भूमि और पूरी नदी तट की पवित्रता को एक साथ लेकर विकास किया जाना चाहिए।
भक्तों का कहना है कि यदि सभी स्थलों को एक ही ट्रस्ट के अंतर्गत लाया जाए, तो सुनियोजित तरीके से संरक्षण और विकास संभव हो सकेगा। वर्तमान में बिखरी हुई व्यवस्था के कारण समग्र विकास प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2009 में राजपत्र के माध्यम से मुलताई को “पवित्र नगरी” का दर्जा दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद अपेक्षित स्तर पर विकास नहीं हो पाया है। इससे श्रद्धालुओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
इस मांग को लेकर गौ क्रांति दल, राष्ट्रीय हिन्दू सेना, अनुसुइया सेवा समिति और ताप्ती तट रक्षक समिति सहित कई संगठन एकजुट नजर आए। ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और प्रशासन से जल्द निर्णय लेने की मांग की।

भक्तों ने स्पष्ट कहा कि एक पारदर्शी और जवाबदेह ताप्ती ट्रस्ट का गठन समय की जरूरत है, जिससे मां ताप्ती क्षेत्र का संरक्षण, सौंदर्यीकरण और धार्मिक महत्व के अनुरूप विकास सुनिश्चित किया जा सके।






