Mohammad Farukh Ahmed Death : वरिष्ठ समाजसेवी मोहम्मद फारुख अहमद का निधन, बैतूल में शोक की लहर

On: April 12, 2026 9:01 AM
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नींद में हार्ट अटैक से 60 वर्ष की उम्र में देहांत, नमाज-ए-असर के बाद होगा अंतिम संस्कार

Mohammad Farukh Ahmed Death : बैतूल जिले के वरिष्ठ अल्पसंख्यक नेता और समाजसेवी मोहम्मद फारुख अहमद का रविवार सुबह निधन हो गया। वे लगभग 60 वर्ष के थे। बताया जा रहा है कि उन्हें नींद में ही हार्ट अटैक आया, जिससे उनका देहांत हो गया। उनके निधन की खबर से जिलेभर में शोक की लहर फैल गई है।

मोहम्मद फारुख अहमद लंबे समय से सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहे। वे उस दौर में भाजपा से जुड़े थे, जब मुस्लिम समाज की भागीदारी पार्टी में बेहद कम थी। वर्ष 1989 में जब अरिफ बेग बैतूल से चुनाव मैदान में उतरे, तब फारुख अहमद एक युवा अल्पसंख्यक नेता के रूप में उभरे और संगठन में अपनी अलग पहचान बनाई।

वे भाजपा की जिला कार्यकारिणी के सदस्य रहे, साथ ही जिला वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष और दीनदयाल अंत्योदय समिति के सदस्य के रूप में भी उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। इसके अलावा भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच में भी वे कई अहम पदों पर रहे।

बताया जाता है कि उनकी निकटता वरिष्ठ नेता शाहनवाज हुसैन से भी थी। 1989 के चुनाव के दौरान वे अल्पसंख्यक समाज के प्रमुख युवा चेहरों में शामिल थे। एक बार शाहनवाज हुसैन के सारणी दौरे के दौरान सभा के बाद वे उन्हें अपने साथ हेलीकॉप्टर से भोपाल भी ले गए थे।

हालांकि, बाद में कोठी बाजार अंजुमन कमेटी के एक संगठनात्मक निर्णय से नाराज होकर उन्होंने विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का दामन थाम लिया था।

जानकारी के अनुसार, करीब 15 दिन पहले उन्हें मस्जिद के बाहर हार्ट अटैक आया था, जिसके बाद भोपाल में उनका इलाज चल रहा था और स्टेंट डाला गया था। इलाज के बाद वे घर लौट आए थे, लेकिन रविवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने से उनका निधन हो गया।

मोहम्मद फारुख अहमद सामाजिक कार्यों में भी काफी सक्रिय रहे और क्षेत्र में उनकी एक अलग पहचान थी। उनके निधन से समाज और राजनीतिक क्षेत्र में शोक की लहर है। उनका अंतिम संस्कार रविवार दोपहर नमाज-ए-असर के बाद कोठी बाजार स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

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