Betul Rain News : बैतूल जिले में गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह तक हुई बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जिले में औसतन 9.9 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जिससे खेतों में खड़ी और कटी हुई फसलें प्रभावित हुई हैं। खासकर घोड़ाडोंगरी ब्लॉक के रानीपुर क्षेत्र में करीब एक घंटे तक हुई तेज बारिश ने फसलों को खासा नुकसान पहुंचाया है।
जिलेभर में अलग-अलग जगह दर्ज हुई बारिश
वर्षामापी केंद्रों के अनुसार घोड़ाडोंगरी में 18 मिमी, मुलताई और भैंसदेही में 13-13 मिमी, बैतूल में 12.4 मिमी, आमला में 12 मिमी, शाहपुर में 9 मिमी और चिचोली में 8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं भीमपुर में 2 मिमी और आठनेर में 4.2 मिमी सबसे कम वर्षा दर्ज हुई।
गेहूं, चना और सरसों की फसल प्रभावित
रानीपुर, जुवाड़ी, मेहकार, हीरावाड़ी, मयावानी, रतनपुर, शोभापुर, चारगांव और कतिया कोयलारी सहित कई क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश हुई। इससे खेतों में खड़ी गेहूं, चना, सरसों और बटरा की फसलें भीग गईं। जिन किसानों की फसल कटकर खलिहानों में रखी थी, वे उसे बचाने के लिए तिरपाल और फट्टों से ढकते नजर आए।
किसानों का कहना है कि मौसम में आए इस अचानक बदलाव के लिए वे तैयार नहीं थे। खड़ी फसल पूरी तरह भीग गई है, जबकि कटी हुई फसल को सुरक्षित रखना भी मुश्किल हो गया है।
आज भी मौसम अस्थिर रहने के आसार
मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को भी दिनभर मौसम का मिजाज बदला रह सकता है। दोपहर के समय हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 15.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो गुरुवार के 19.7 डिग्री से कम है। वहीं अधिकतम तापमान 28 से 30 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है।
फसल की गुणवत्ता पर भी खतरा
भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों के मुताबिक गेहूं और चने की फसल पूरी तरह पक चुकी थी और कटाई शुरू होने वाली थी। बारिश के कारण दानों के काले पड़ने, गुणवत्ता खराब होने और उत्पादन घटने की आशंका बढ़ गई है। यदि मौसम जल्द साफ नहीं हुआ, तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।






