3 अप्रैल को अस्पताल से हुआ था गायब, 5-6 दिन पुराना शव मिलने से कई सवाल खड़े
Betul News : बैतूल में एक निजी अस्पताल से लापता हुए मरीज का शव माचना नदी में मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। मृतक की पहचान इटावा (थाना बोरदेही) निवासी इशोप पंडोले (उम्र करीब 58-60 वर्ष) के रूप में हुई है, जिन्हें 31 मार्च 2026 को किडनी में पथरी की शिकायत के चलते शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक मरीज का इलाज आयुष्मान योजना के तहत चल रहा था और 3 अप्रैल तक उनकी एंट्री आयुष्मान पोर्टल पर दर्ज थी। इसी दिन वे अचानक अस्पताल से लापता हो गए। सीसीटीवी फुटेज में उन्हें अस्पताल से बाहर जाते हुए देखा गया है। प्रबंधन का दावा है कि उस समय उनके साथ एक अटेंडेंट भी मौजूद था और परिजनों को इसकी जानकारी दी गई थी।
वहीं परिजनों ने अस्पताल पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते अस्पताल प्रबंधन सतर्क रहता तो यह घटना नहीं होती। परिजनों ने पहले अपने स्तर पर तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिलने पर 5 अप्रैल को कोतवाली थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई और एसपी कार्यालय में भी शिकायत की।
इसी बीच कंट्रोल रूम को भयावाड़ी के पास माचना नदी में एक शव मिलने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची एसडीआरएफ टीम और पुलिस ने शव को बाहर निकाला। प्रारंभिक जांच में शव 5 से 6 दिन पुराना बताया गया, जिसकी पहचान इशोप पंडोले के रूप में हुई। गुमशुदगी के दौरान जारी पंपलेट के कारण पहचान में आसानी हुई।
फिलहाल शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पुलिस इस बात की जांच में जुटी है कि मरीज अस्पताल से निकलकर नदी तक कैसे पहुंचा और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई।
घटना के बाद परिजनों और अस्पताल प्रबंधन के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है और सच्चाई सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।






