Betul News : बैतूल में किसानों के समर्थन में कांग्रेस का प्रदर्शन 9 अप्रैल को

On: April 7, 2026 8:15 AM
Follow Us:

खरीदी में देरी, ओलावृष्टि और कर्ज संकट को लेकर आंदोलन

Betul News : बैतूल। जिले में सरकारी गेहूं खरीदी में हो रही देरी, ओलावृष्टि से फसल नुकसान और अन्य समस्याओं से जूझ रहे किसानों के समर्थन में कांग्रेस 9 अप्रैल को जिला मुख्यालय स्थित शिवाजी ऑडिटोरियम में सुबह 11 बजे से धरना-प्रदर्शन करेगी।

यह आंदोलन प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देश पर आयोजित किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल होंगे। प्रदर्शन के बाद कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर किसानों की समस्याओं के समाधान की मांग की जाएगी।

कम दाम पर उपज बेचने को मजबूर किसान

कांग्रेस के अनुसार, सरकारी खरीदी शुरू नहीं होने से किसान अपनी उपज मंडियों में 2000 से 2200 रुपए प्रति क्विंटल के कम दाम पर बेचने को मजबूर हैं। वहीं 31 मार्च की समय सीमा बीत जाने के कारण जिले के लगभग आधे किसान सहकारी ऋण में डिफाल्टर हो चुके हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो गई है।

खरीदी की तारीख बार-बार बढ़ने से बढ़ा असंतोष

कांग्रेस ने बताया कि गेहूं खरीदी की तारीखों में लगातार बदलाव से किसानों में भारी नाराजगी है। पहले 23 मार्च, फिर 1 अप्रैल, 10 अप्रैल और अब 15 अप्रैल तक तारीख बढ़ाई गई है। पार्टी ने आरोप लगाया कि जहां पड़ोसी राज्य राजस्थान में खरीदी पहले ही शुरू हो चुकी है, वहीं मध्य प्रदेश में देरी से किसान परेशान हैं।

ओलावृष्टि और अतिवृष्टि से फसलें तबाह

हाल ही में हुई ओलावृष्टि और अतिवृष्टि ने किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। पहले से आर्थिक संकट झेल रहे किसानों के सामने अब दोहरी मार पड़ रही है, जिससे वे आंदोलन के लिए मजबूर हो गए हैं।

कुप्रबंधन के आरोप, खाद और बिजली की समस्या भी गंभीर

कांग्रेस ने सरकार पर कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए कहा कि सहकारी ऋण की अंतिम तिथि 31 मार्च होने से बड़ी संख्या में किसान डिफाल्टर हो गए हैं। इसके अलावा खाद की कमी, मनमाने बिजली बिल, बिजली चोरी के कथित झूठे मामले और नरवाई जलाने पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई जैसे मुद्दे भी किसानों की परेशानी बढ़ा रहे हैं।

ज्यादा से ज्यादा भागीदारी की अपील

जिला संगठन महामंत्री बृजभूषण पांडे ने बताया कि यह प्रदर्शन प्रदेश स्तर पर हो रहे विरोध का हिस्सा है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक किसानों को आंदोलन में शामिल करने की अपील की है, ताकि उनकी आवाज को मजबूती मिल सके।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment