उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग; फर्जी दस्तावेज और अंतरराज्यीय कनेक्शन के आरोप
Betul Marriage Case : बैतूल में पारधी समाज की महिलाओं ने एक नाबालिग बालिका के कथित अवैध विवाह के मामले में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। कलेक्टर के माध्यम से दिए गए इस ज्ञापन में पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
हर्षिता मानकर के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल थीं। ज्ञापन में बताया गया कि महेश्वर की संबंधित बालिका की जन्मतिथि 30 दिसंबर 2009 है, जिससे वह नाबालिग है। इसके बावजूद 11 मार्च 2026 को उसका विवाह कराए जाने का आरोप लगाया गया है, जिसे कानूनन अवैध बताया गया है। महिलाओं का कहना है कि बालिका को बालिग दर्शाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का उपयोग किया गया।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस मामले में अंतरराज्यीय स्तर पर संदिग्ध संलिप्तता हो सकती है, जिससे यह प्रकरण और गंभीर हो जाता है। महिलाओं ने बताया कि खंडवा जिले के महेश्वर थाने में पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया जा चुका है।
हर्षिता मानकर ने आरोप लगाया कि यह “लव जिहाद” से जुड़ा मामला हो सकता है, जिसमें नाबालिग बालिकाओं को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि नाबालिग से जुड़े मामलों में तत्काल और सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाए।
ज्ञापन में पांच प्रमुख मांगें रखी गई हैं, जिनमें स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच, फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों पर कार्रवाई, पीड़िता की सुरक्षा और पुनर्वास, अंतरराज्यीय कनेक्शन की जांच तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस व्यवस्था शामिल हैं।
पारधी समाज की महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगी।






