टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी से राजस्व प्रभावित, आयुक्त ने की बड़ी कार्रवाई
Betul Excise News : बैतूल। जिले में शराब दुकानों के निष्पादन में लापरवाही सामने आने पर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। दीपक कुमार सक्सेना ने सोमवार को जिला आबकारी अधिकारी अंशुमन चिढ़ार को निलंबित कर दिया है।
यह कार्रवाई वर्ष 2026-27 के लिए शराब दुकानों की टेंडर प्रक्रिया में अपेक्षित परिणाम न मिलने और शासन के राजस्व हित प्रभावित होने के चलते की गई है।
8 शराब दुकानें अब तक नहीं हुईं नीलाम
जानकारी के अनुसार, बैतूल जिले में कुल 61 शराब दुकानें हैं, जिनमें से 8 दुकानें अब तक नीलाम नहीं हो सकी हैं। इनमें बैतूल बाजार की दो दुकानें, बैतूल गंज, आमला बस स्टैंड, भैंसदेही की दो दुकानें, सारणी नंबर-1 और बागडोना क्षेत्र की दुकानें शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि इन दुकानों की कीमत अधिक होने के कारण ठेकेदारों ने इनमें रुचि नहीं दिखाई, जिससे नीलामी प्रक्रिया प्रभावित हुई।
समूह बनाकर नीलामी में सामने आई गड़बड़ी
सूत्रों के अनुसार, प्रारंभ में शराब दुकानों की नीलामी समूह बनाकर की गई थी, लेकिन समूह निर्धारण में गड़बड़ी सामने आई। कई दुकानों को 30-30 किलोमीटर दूर तक जोड़कर समूह बनाए गए थे, जिससे ठेकेदारों के लिए संचालन करना व्यावहारिक नहीं रहा।
बाद में समूह तोड़ने पर छोटी दुकानें तो नीलाम हो गईं, लेकिन महंगी दुकानें अब भी खाली पड़ी हैं। इससे शासन को राजस्व नुकसान होने की स्थिति बनी।
भोपाल मुख्यालय किया गया निर्धारित
निलंबन अवधि के दौरान अंशुमन चिढ़ार का मुख्यालय संभागीय कार्यालय भोपाल निर्धारित किया गया है।
इस कार्रवाई के बाद आबकारी विभाग में हड़कंप मच गया है और आगे की प्रक्रिया को लेकर सख्ती बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।






