सनातन संस्कृति जागरण अभियान के तहत होगा आयोजन, पुलिस ग्राउंड में तैयारियां तेज
Betul Bhakti Satsang : बैतूल। शहर में विश्व जागृति मिशन बैतूल मंडल द्वारा 9 से 12 अप्रैल तक विराट भक्ति सत्संग का आयोजन किया जा रहा है। पुलिस ग्राउंड में होने वाले इस चार दिवसीय धार्मिक आयोजन में परमपूज्य सुधांशु जी महाराज के सान्निध्य में हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। यह आयोजन सनातन संस्कृति जागरण अभियान के अंतर्गत किया जा रहा है।
मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से पहुंचेगे श्रद्धालु
आयोजन समिति के अनुसार, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। इसे ध्यान में रखते हुए व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं की जा रही हैं। समिति संयोजक डॉ. विनय सिंह चौहान ने बताया कि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ठहरने और भोजन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
भीषण गर्मी को देखते हुए विशेष इंतजाम
गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम स्थल पर बैठक व्यवस्था, टेंट, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। इसके साथ ही विशाल पंडाल, पार्किंग और सुरक्षा के भी पुख्ता प्रबंध किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
12 अप्रैल को मंत्र दीक्षा का विशेष कार्यक्रम
भक्ति सत्संग का शुभारंभ 9 अप्रैल को शाम 4 बजे होगा। इसके बाद 10 से 12 अप्रैल तक प्रतिदिन सुबह 9 से 11:30 बजे और शाम 4:30 से 7 बजे तक प्रवचन आयोजित किए जाएंगे। 12 अप्रैल को दोपहर 12 बजे मंत्र दीक्षा का विशेष कार्यक्रम रखा गया है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
युवाओं के लिए विशेष सत्र भी होगा आयोजित
आयोजन की एक खास बात यह है कि 10 अप्रैल को स्कूली और कॉलेज विद्यार्थियों के लिए विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। इस सत्र में युवाओं को संस्कार, नैतिकता और जीवन मूल्यों पर मार्गदर्शन दिया जाएगा।
आयोजन समिति ने इस सत्संग के माध्यम से 10 गुरुकुल और 108 संस्कार केंद्रों की स्थापना का लक्ष्य रखा है। कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं की संभावित उपस्थिति से पूरे क्षेत्र में धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण बनने की उम्मीद है।
कौन हैं सुधांशु जी महाराज
परमपूज्य सुधांशु जी महाराज देश के प्रख्यात आध्यात्मिक वक्ता और समाज सुधारक हैं। वे विश्व जागृति मिशन के संस्थापक हैं। उनके प्रवचनों में आध्यात्मिकता के साथ-साथ व्यावहारिक जीवन, पारिवारिक मूल्यों और नैतिकता पर विशेष जोर रहता है।
देश-विदेश में आयोजित सत्संगों के माध्यम से उन्होंने लाखों लोगों को प्रेरित किया है। उनके संदेशों में सकारात्मक सोच, आत्मविकास, राष्ट्रभक्ति और भारतीय संस्कृति के संरक्षण का भाव प्रमुख रूप से झलकता है।






