Betul Agriculture News : बैतूल जिले में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक द्वारा किसानों से कर्ज वसूली के लिए लाउडस्पीकर के माध्यम से मुनादी कराई जा रही है। किसानों को 15 मार्च तक ऋण जमा करने की सूचना दी जा रही है, जिससे किसान असमंजस की स्थिति में हैं। वर्तमान में जिले में गेहूं की फसल खेतों में कटाई के लिए तैयार खड़ी है, जबकि अभी तक गेहूं खरीदी की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है।
जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष निलय डागा ने बताया कि आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से गांवों में लाउडस्पीकर लगाकर मुनादी कराई जा रही है। इसमें ऋणी किसानों को 15 मार्च तक कर्ज जमा करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
मुनादी में यह भी कहा जा रहा है कि यदि किसान निर्धारित समय सीमा तक ऋण की राशि जमा नहीं करते हैं तो उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ नहीं मिल सकेगा। साथ ही भविष्य में कार्रवाई की चेतावनी भी दी जा रही है।
निलय डागा ने इस व्यवस्था को अव्यवहारिक और किसान विरोधी निर्णय बताया है। उन्होंने कहा कि जब किसानों की फसल अभी खेतों में खड़ी है और खरीदी प्रक्रिया शुरू ही नहीं हुई है, तो ऐसे में 15 मार्च तक ऋण जमा करने का दबाव बनाना गलत है।
उन्होंने कहा कि किसान अपनी उपज बेचने के बाद ही पैसा प्राप्त करता है, ऐसे में वह कर्ज कैसे चुका पाएगा। डागा ने कहा कि किसानों के साथ किसी भी तरह का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
बताया जा रहा है कि जिले के अधिकांश किसानों ने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से खाद और बीज के लिए ऋण लिया है। यदि तय समय सीमा में यह राशि जमा नहीं हो पाती है तो किसानों का खाता ओवरड्यू हो जाएगा और उन पर अतिरिक्त ब्याज लगना शुरू हो जाएगा। इससे किसानों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ बढ़ सकता है।

कांग्रेस ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि किसानों की मौजूदा स्थिति को देखते हुए कर्ज वसूली की अंतिम तिथि कम से कम 30 अप्रैल तक बढ़ाई जाए। इससे किसानों को अपनी फसल बेचने और आर्थिक स्थिति संभालने का पर्याप्त समय मिल सकेगा।
डागा ने कहा कि किसान पहले ही महंगाई, बढ़ती खेती लागत और बाजार की अनिश्चितता से जूझ रहा है। ऐसे समय में कर्ज वसूली के लिए जल्दबाजी करना किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है।






