Betul ki Khaber : ताप्ती पर बने बांधों से निचले इलाकों में जलसंकट, किसानों ने जनसुनवाई में उठाई समस्या

On: January 13, 2026 10:58 AM
Follow Us:

Betul ki Khaber : बैतूल जिले में ताप्ती नदी पर बने दो बड़े बांधों के चलते निचले क्षेत्रों में गंभीर जलसंकट पैदा हो गया है। पानी की कमी से जहां फसलें सूखने लगी हैं, वहीं पशुपालन पर भी संकट मंडरा रहा है। मंगलवार को बैतूल में आयोजित जनसुनवाई के दौरान किसानों ने कलेक्टर के समक्ष इस समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए तत्काल समाधान की मांग की।

जनसुनवाई में सिमोरी, सोनाझाम, कोटमी, डोक्या, बरेठा, धामन्या, उती, जामू, गोरखीढाना, आमढाना, गौलागोंदी और मलियाढाना सहित कई गांवों के किसानों ने बताया कि ताप्ती नदी के सूखने से खेतों की सिंचाई ठप हो गई है और पशुओं के लिए भी पानी की भारी किल्लत बनी हुई है। किसानों ने पारसडोह बांध से कुछ मात्रा में पानी छोड़ने की मांग की, ताकि निचले गांवों को राहत मिल सके।

इस मौके पर पूर्व विधायक धरमू सिंह सिरसाम, किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष प्रशांत राजपूत और हर्षवर्धन धोटे ने भी किसानों की समस्या को गंभीर बताया। उन्होंने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि समय रहते पानी नहीं छोड़ा गया और बांधों की आवश्यक मरम्मत नहीं हुई, तो किसानों के सामने फसलों और पशुधन को बचाने का बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा।

इसी दौरान मुलताई तहसील के ग्राम सुकाखेड़ी और निरगुड़ के किसानों ने चन्नीमन्नी बांध की समस्या भी सामने रखी। किसानों ने बताया कि वर्ष 2011-12 में बने इस बांध में शुरुआत से ही रिसाव की समस्या है, जिसके कारण यह भरने के कुछ ही दिनों में खाली हो जाता है। सिंचाई विभाग को कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो जांच हुई और न ही मरम्मत का कार्य किया गया।

किसानों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद उन्हें इस बांध का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। खेतों में पानी नहीं पहुंचने से फसलें सूख रही हैं और किसान आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि सिंचाई के लिए पानी न मिलने के बावजूद उनसे सिंचाई और बिजली के बिल वसूले जा रहे हैं। उन्होंने चन्नीमन्नी बांध की तत्काल मरम्मत और जल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment