Betul Crime News : बैतूल जिले के जनजातीय कार्य विभाग कार्यालय में अंशकालीन रसोइया चंपा वट्टी के आत्मदाह प्रयास के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मंगलवार को महिला कांग्रेस ग्रामीण इकाई और रसोइया संघ के पदाधिकारी व कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे और सहायक आयुक्त (एसी) ट्राइबल विवेक पांडे के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर और सहायक आयुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए 20 रसोइयों को काम से हटाने का आरोप लगाया।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार चंपा वट्टी बीते 24 वर्षों से शासकीय वरिष्ठ आदिवासी बालक छात्रावास में अंशकालीन रसोइया के पद पर कार्यरत थीं। आरोप है कि हाल ही में उन्हें बिना किसी लिखित आदेश के काम से हटा दिया गया, जिससे मानसिक रूप से आहत होकर उन्होंने शनिवार को सहायक आयुक्त कार्यालय में मिट्टी का तेल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया था।
कर्मचारियों से भेदभाव का आरोप
महिला कांग्रेस ग्रामीण की जिलाध्यक्ष लीला दवंडे ने जनजातीय कार्य विभाग पर अंशकालीन कर्मचारियों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बैतूल आदिवासी बहुल जिला है, इसके बावजूद विभाग के कुछ अधिकारी पद का दुरुपयोग कर आदिवासी वर्ग के कर्मचारियों के साथ अन्याय कर रहे हैं। ज्ञापन में सहायक आयुक्त विवेक पांडे के तत्काल स्थानांतरण, हटाई गई सभी रसोइयों को पुनः कार्य पर रखने और उनके लंबित वेतन का भुगतान करने की मांग की गई है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों में कर्मचारियों की भारी कमी है, जिसके चलते विद्यार्थियों को समय पर भोजन और अन्य मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। प्रदर्शनकारियों ने जहां कर्मचारियों की कमी है वहां तत्काल नियुक्तियां करने और वेतन भुगतान में हो रही देरी समाप्त करने की मांग की।
एसी का पक्ष
विवाद के बीच सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विवेक पांडे ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि किसी भी कर्मचारी को हटाने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि विभागीय समीक्षा के दौरान यह सामने आया है कि कई छात्रावासों में स्वीकृत पदों से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनकी नियुक्ति और वेतन स्वीकृत नहीं है। ऐसे मामलों में केवल वेतन भुगतान रोकने के निर्देश दिए गए हैं, न कि किसी को सेवा से हटाने के। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं।






