Betul Winter News : बैतूल जिले में ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते चार दिनों से तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे शीतलहर का असर तेज हो गया है। मंगलवार को न्यूनतम तापमान सोमवार की तुलना में 2 डिग्री सेल्सियस और गिरकर 7.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहा।
कड़ाके की ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन मंगलवार को नर्सरी से आठवीं कक्षा तक के सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया था। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में तापमान में और गिरावट की संभावना जताई है।

मौसम विभाग के अनुसार 2 जनवरी को जिले में न्यूनतम तापमान 11 डिग्री और अधिकतम 25.5 डिग्री सेल्सियस था, जो 6 जनवरी को घटकर क्रमशः 7.5 डिग्री और 22 डिग्री सेल्सियस रह गया। इस प्रकार चार दिनों में रात के तापमान में 3.5 डिग्री और दिन के तापमान में 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार को आसमान साफ रहने से धूप जरूर निकली, लेकिन ठंडी हवाओं के चलते सर्दी का असर बना रहा।

बुजुर्गों और बच्चों पर अधिक असर
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज कुमार हुरमाड़े ने बताया कि शीतलहर का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, बच्चों तथा श्वसन और हृदय रोग से पीड़ित लोगों पर पड़ता है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें, गर्म कपड़े कई परतों में पहनें, सिर और पैरों को ढककर रखें तथा गर्म पेय पदार्थों का सेवन करें। साथ ही अकेले रहने वाले बुजुर्गों और पड़ोसियों का विशेष ध्यान रखने की सलाह भी दी गई है।
किसानों को पाले से बचाव की सलाह
कृषि विभाग ने किसानों को पाले से फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा है। रबी की फसलें जैसे चना, मटर, आलू, धनिया और तिलहनी फसलें पाले के प्रति अधिक संवेदनशील होती हैं। विभाग ने रात के समय खेतों के किनारों पर कचरा जलाकर धुआं करने, हल्की सिंचाई करने तथा सुबह के समय फसलों को रस्सी से हल्का हिलाने की सलाह दी है, जिससे पत्तियों पर जमी ओस गिर सके। इसके अलावा सल्फर डस्ट, ग्लूकोज या पोटेशियम सल्फेट के छिड़काव की भी अनुशंसा की गई है।






