Multai News : ताप्ती सरोवर और ताप्ती नालों की लंबे समय से हो रही उपेक्षा व गंदगी से परेशान ताप्ती भक्तों ने शनिवार को अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया। भक्तों ने ताप्ती की प्रथम पुलिया मुख्य मार्ग पर सार्वजनिक रूप से सुंदरकांड का पाठ किया। यह धार्मिक आयोजन प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों का स्मरण कराने एवं सद्बुद्धि देने के उद्देश्य से किया गया।
कई महीनों से नहीं हुई सफाई
ताप्ती भक्तों का कहना है कि ताप्ती सरोवर और उससे जुड़े नालों की सफाई कई महीनों से नहीं की गई है। आसपास के घरों का दूषित पानी सीधे ताप्ती नालों में छोड़ा जा रहा है, जिससे पवित्र नदी का जल लगातार प्रदूषित हो रहा है। इससे श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं।
भक्तों ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए प्रशासन को कई बार ज्ञापन और आवेदन सौंपे गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। नालों की नियमित सफाई, गंदे पानी के बहाव पर रोक और अतिक्रमण हटाने की मांग लगातार की जा रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी उदासीन बने हुए हैं।

अतिक्रमण से बिगड़ रही स्थिति
ताप्ती भक्तों ने आरोप लगाया कि ताप्ती नदी और उसके आसपास कई स्थानों पर अतिक्रमण हो चुका है। न्यायालय के स्पष्ट आदेशों के बावजूद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं हो रही है, जिससे नदी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो रहा है और पर्यावरण व धार्मिक महत्व को नुकसान पहुंच रहा है।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
इन सभी समस्याओं से क्षुब्ध होकर भक्तों ने शांतिपूर्ण और धार्मिक तरीके से विरोध प्रदर्शन का रास्ता चुना। भक्तों ने स्पष्ट किया कि सुंदरकांड का सार्वजनिक पाठ किसी के विरोध में नहीं, बल्कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को उनकी जिम्मेदारियों का स्मरण कराने के लिए किया गया है।
इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ताप्ती भक्त, स्थानीय नागरिक और श्रद्धालु मौजूद रहे। भक्तों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही ताप्ती सरोवर व नालों की सफाई, गंदे पानी की रोकथाम और अतिक्रमण हटाने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।






