Multai News : मां ताप्ती की वार्षिक संपूर्ण परिक्रमा पदयात्रा शुक्रवार सुबह 9 बजे मुलताई स्थित उद्गम स्थल से पूरे विधि-विधान और धार्मिक आस्था के साथ प्रारंभ हुई। यह पदयात्रा मुलताई से सूरत तक जाएगी और वापसी में पुनः मुलताई आकर 63 दिनों में पूर्ण होगी। यात्रा के शुभारंभ अवसर पर श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर पदयात्रियों का भव्य स्वागत किया।
पदयात्रा मां ताप्ती के दक्षिण तट से होते हुए सूरत के डूमस स्थित समुद्र संगम तक पहुंचेगी। इसके बाद वापसी यात्रा हजीरा से शुरू होकर 4 मार्च को मुलताई में संपन्न होगी। इस प्रकार यह संपूर्ण परिक्रमा लगभग दो माह की कठिन लेकिन श्रद्धापूर्ण पदयात्रा के रूप में पूरी होगी।

35 श्रद्धालुओं ने कराया पूर्ण परिक्रमा के लिए पंजीयन
इस वर्ष यात्रा में तीन दर्जन से अधिक पदयात्री शामिल हुए हैं, जो पूरी परिक्रमा पैदल तय करेंगे। आयोजन समिति के अनुसार 35 श्रद्धालुओं ने पूर्ण परिक्रमा के लिए पंजीयन कराया है। मार्ग में पड़ने वाले गांवों और नगरों में लोगों ने श्रद्धालुओं का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया, जिससे यात्रा का वातावरण भक्तिमय बना रहा।
चौथे वर्ष में पहुंची ताप्ती परिक्रमा
आयोजन समिति के संयोजक राजू पाटनकर ने बताया कि मां ताप्ती संपूर्ण परिक्रमा पदयात्रा का यह चौथा वर्ष है। नर्मदा परिक्रमा की तर्ज पर चार वर्ष पूर्व इस पदयात्रा की शुरुआत की गई थी। पहले वर्ष 19, दूसरे वर्ष 24 और तीसरे वर्ष 39 श्रद्धालुओं ने पूर्ण परिक्रमा की थी। हर वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, वहीं हजारों लोग आंशिक रूप से भी इस यात्रा में शामिल होते हैं।

गांव-गांव संपर्क कर की गई व्यवस्थाएं
समिति के वरिष्ठ सदस्य लखमीचंद अग्रवाल ने बताया कि मुलताई से सूरत तक ताप्ती नदी के दोनों तटों पर पड़ने वाले सभी पड़ाव स्थलों पर स्थानीय सेवादारों से संपर्क किया गया है। इसके लिए दो टोलियों ने गांव-गांव जाकर पदयात्रियों के ठहराव और भोजन की समुचित व्यवस्था को लेकर चर्चा की।
समिति सदस्यों राजेश जैन, काशीनाथ साहू, सुनील पाटनकर, अनिल पवार और मनीष वाडबुदे ने बताया कि संपर्क अभियान के दौरान ग्रामीणों में भारी उत्साह देखने को मिला और सभी ने श्रद्धालुओं की सेवा के लिए सहयोग का आश्वासन दिया।






