Hemant khandelwal New Year : स्नेह भोज पर बच्चों व पालकों से किया संवाद, सेवाभाव और सामाजिक सरोकार का दिया संदेश नववर्ष के पहले दिन सेवाभाव और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल ने विजय सेवा न्यास द्वारा गोद लिए गए 46 बेसहारा बच्चों और उनके पालकों के साथ समय बिताया। इस अवसर पर बच्चों और पालकों को बैतूल स्थित निवास पर स्नेह भोज के लिए आमंत्रित कर उनसे आत्मीय संवाद किया गया।

पूर्व सांसद स्वर्गीय विजय कुमार खंडेलवाल की स्मृति में संचालित विजय सेवा न्यास द्वारा “बेसहारा को सहारा” प्रकल्प के अंतर्गत उन बच्चों को गोद लिया गया है, जिनके माता-पिता या पिता का विभिन्न दुर्घटनाओं में निधन हो गया था। पिछले दो वर्षों में न्यास ने 46 ऐसे बच्चों की शिक्षा, उच्च अध्ययन, रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण और समग्र विकास की जिम्मेदारी ली है।
पढ़ाई से लेकर भविष्य निर्माण तक की जिम्मेदारी
श्री खंडेलवाल ने बच्चों से अभिभावक की भूमिका में बातचीत करते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी पढ़ाई और भविष्य निर्माण की पूरी चिंता वे स्वयं कर रहे हैं। उन्होंने बच्चों से मन लगाकर पढ़ाई करने का आग्रह किया और कहा कि फीस, पाठ्य सामग्री सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
निजी स्कूलों की फीस और आर्थिक सहायता भी
विजय सेवा न्यास द्वारा गोद लिए गए 46 बच्चों में से 44 बच्चे निजी स्कूलों में तथा 2 बच्चे सरकारी स्कूल में अध्ययनरत हैं। इनमें से 42 बच्चों की निजी स्कूलों की फीस प्रतिवर्ष न्यास द्वारा वहन की जा रही है, जबकि 2 बच्चे आरटीई के तहत पढ़ाई कर रहे हैं। सभी बच्चों को शैक्षणिक सामग्री के लिए प्रतिवर्ष आर्थिक सहायता दी जाती है। साथ ही बच्चों की परवरिश कर रहे पालकों को सालाना 20-20 हजार रुपये की आर्थिक मदद भी प्रदान की जा रही है।

इसके अतिरिक्त, बच्चों की माताओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वरोजगार उपलब्ध कराने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
निरंतर जारी रहेगा सहयोग
संवाद के दौरान बच्चों और पालकों ने शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य की योजनाओं से जुड़ी अपनी बात खुलकर रखी। श्री खंडेलवाल ने उनकी समस्याओं का समाधान करते हुए कहा कि बच्चों को केवल सहानुभूति नहीं, बल्कि शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़कर अवसर देना जरूरी है, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़े और वे मेहनत के बल पर बेहतर भविष्य बना सकें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह सहयोग आगे भी निरंतर जारी रहेगा और बच्चों की शिक्षा व पालकों की आत्मनिर्भरता के लिए हर संभव मदद की जाएगी।






