Betul Crime News : बैतूल स्थित विशेष पॉक्सो न्यायालय ने नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म के मामले में अहम फैसला सुनाते हुए आरोपी हर्षित गायकवाड़ (29) को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा से दंडित किया है। न्यायालय ने आरोपी पर 5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। आरोपी को पॉक्सो एक्ट की धारा 5(एल)/6 तथा आईपीसी की धारा 376(2)(एन) के अंतर्गत दोषी ठहराया गया।
इस संवेदनशील मामले में राज्य सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक वंदना शिवहरे ने अदालत में पक्ष रखा और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी का अपराध सिद्ध कराया।
इलाज के बहाने शुरू हुआ दर्दनाक सफर
प्रकरण के अनुसार, पीड़िता ने 8 मई 2020 को कोतवाली थाना बैतूल में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया कि वह इलाज के लिए अपने चाचा के साथ अजमेर गई थी, लेकिन वहां उनसे बिछड़ गई। उसी दौरान उसकी मुलाकात एक युवती से हुई, जो उसे बैतूल ले आई।
बैतूल पहुंचने के बाद उस युवती ने पीड़िता को चक्कर रोड क्षेत्र में एक व्यक्ति के घर छोड़ दिया और कुछ दिनों में वापस आने की बात कहकर चली गई। इसके बाद पीड़िता को जबरन गलत कार्यों में धकेल दिया गया।
मना करने पर दी जाती थी धमकी
पीड़िता के अनुसार, उसे यह कहकर डराया गया कि उसे खरीद लिया गया है और अब उसे वही करना होगा जो कहा जाएगा। लगभग दो महीने तक कई लोगों ने उसका शोषण किया, जिनमें आरोपी हर्षित गायकवाड़ भी शामिल था।
मामले की विवेचना के बाद पुलिस ने चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान पीड़िता भले ही अपने बयान से पीछे हट गई, लेकिन डीएनए रिपोर्ट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए कठोर सजा सुनाई।
अन्य प्रकरण में भी कड़ा फैसला
इसके अलावा, सारणी थाना क्षेत्र के एक अन्य बलात्कार मामले में भी न्यायालय ने आरोपी राहुल दरसिंहा को 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाकर कड़ा संदेश दिया है।
न्यायालय के इस फैसले को नाबालिगों के विरुद्ध अपराधों पर सख्त कार्रवाई की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।






