Betul Ki Khabar : भोपाल में जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट की अध्यक्षता में बैतूल जिले की प्रमुख जल एवं सिंचाई परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष एवं बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल के साथ आमला विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे, मुलताई विधायक चंद्रशेखर देशमुख, भैंसदेही विधायक महेंद्र सिंह चौहान और घोड़ाडोंगरी विधायक गंगाबाई उईके शामिल रहे। यह बैठक विधायक खंडेलवाल की पहल पर आयोजित की गई थी, ताकि जिले की जल परियोजनाओं को गति दी जा सके।
कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मिली समय-सीमा
बैठक में मंत्री सिलावट ने घोघरी मध्यम परियोजना की टेस्टिंग और ट्रायल को 30 दिसंबर 2025 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पारसडोह परियोजना की सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने और निर्गुड परियोजना को शीघ्र पूरा करने पर भी विशेष जोर दिया।
मेंढ़ा मध्यम परियोजना को जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके साथ ही सिंचाई क्षमता में अतिरिक्त 4500 हेक्टेयर की वृद्धि के लिए आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
गढ़ा मध्यम परियोजना और अन्य योजनाओं पर भी चर्चा
गढ़ा मध्यम परियोजना के लिए भी जून 2026 की समय-सीमा निर्धारित की गई। मंत्री ने कहा कि सभी परियोजनाएं सीधे तौर पर किसानों और ग्रामीणों की आजीविका से जुड़ी हैं, इसलिए कार्यों में देरी नहीं होनी चाहिए और तय समय में काम पूरा होना चाहिए।
इसके अलावा बैठक में शीतलझिरी मध्यम परियोजना पर विशेष पैकेज को लेकर चर्चा की गई, क्योंकि यह क्षेत्र जनजातीय बहुल है। मंत्री ने निर्देश दिए कि बैतूल जिले की हर विधानसभा से 5–5 नई जल योजनाएं—जैसे बैराज और जलाशय—चिन्हित की जाएं और उनकी साध्यता सहित स्वीकृति प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए।
मंत्री सिलावट ने यह भी सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि नहरों के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाया जाए, ताकि जिले के अधिकतम किसानों को सिंचाई का लाभ मिल सके।






