Betul Samachar: बैतूल और नर्मदापुरम जिलों सहित महाराष्ट्र के कई युवकों से कोयला कंपनी में नौकरी देने का वादा कर करीब 9 लाख रुपए की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। मंगलवार को 8 पीड़ित युवक एसपी कार्यालय पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ विस्तृत शिकायत दर्ज कराई।
पहले भरोसा जीता, फिर पैसे ऐंठे
पीड़ितों के अनुसार, आरोपियों ने खुद को प्रभावशाली और कंपनी से जुड़े होने का दावा करके युवकों का भरोसा जीता। जिन लोगों के नाम शिकायत में शामिल हैं, उनमें प्रज्जवल जांगड़े, रवि चौबे, रोशन, शानू, प्रज्जवल दिवे, अनिकेत, आदर्श और मुकेश सावलेकर शामिल हैं।
इन लोगों ने युवकों से कहा कि कोयला कंपनी में 40 हजार रुपए महीना वेतन वाली नौकरी उपलब्ध है और इसके लिए ‘फंड’ जमा करना आवश्यक है। इसी बहाने युवकों से लगातार पैसे वसूले जाते रहे।
प्रशिक्षण–मेडिकल के बहाने अलग-अलग जगह घुमाते रहे
शिकायतकर्ताओं ने बताया कि उन्हें पहले बी.टी.सी. प्रशिक्षण दिलवाया गया और फिर WCL के क्वार्टर में रुकवाकर यह भरोसा दिलाया गया कि नियुक्ति जल्द हो जाएगी। इसी दौरान मेडिकल, डॉक्यूमेंटेशन और ट्रेनिंग के नाम पर उन्हें अलग-अलग स्थानों पर ले जाया जाता रहा।
8.79 लाख रुपए का भुगतान, कई ने गिरवी रखी संपत्ति
युवकों ने बैंक ट्रांजेक्शन और नकद के जरिए आरोपियों को कुल 8,79,000 रुपए दे दिए। इतना ही नहीं, ट्रेनिंग के दौरान कई बार 50–50 हजार रुपए नकद भी लिए गए। कुछ युवकों ने तो पैसे जुटाने के लिए उधार लिया, जेवर और वाहन तक गिरवी रखने पड़े।
पैसा लौटाने की मांग पर धमकियां
युवकों का कहना है कि नियुक्ति लगातार टलती रही—कभी 8 दिन, कभी 15 दिन, कभी 1 महीने और कभी 6 महीने। जब पीड़ितों ने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपियों ने उन्हें धमकाया और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। इससे युवा मानसिक, आर्थिक और शारीरिक रूप से बेहद परेशान हो गए हैं।
पीड़ितों की मांग: ठगों पर कार्रवाई और पैसे वापस
पीड़ित युवकों ने एसपी से आग्रह किया है कि आरोपियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और उनकी मेहनत की कमाई वापस दिलाई जाए।






