Betul News: बैतूल जिले के चिचोली तहसील मुख्यालय पर शुक्रवार, 28 नवंबर को भारतीय किसान संघ के आह्वान पर किसानों ने ‘घेरा डालो-डेरा डालो’ आंदोलन किया। बड़ी संख्या में जुटे किसानों ने अपनी आर्थिक और कृषि संबंधी समस्याओं को जोरदार तरीके से सामने रखा।
मक्का किसानों को दोहरी मार
किसानों का कहना है कि मक्का का MSP भले ही 2400 रुपये प्रति क्विंटल तय है, लेकिन बाजार में इसकी कीमत मात्र 1200 से 1600 रुपये प्रति क्विंटल तक गिर गई है। इस कारण उत्पादन लागत भी निकलना मुश्किल हो रहा है। उन्हें सरकार से MSP पर अनिवार्य खरीदी की मांग है।
खाद और बिजली की किल्लत पर भी नाराज़गी
किसानों ने बताया कि डीएपी की एक बोरी 1350 रुपये और यूरिया 400 रुपये तक मिल रही है, जिससे खेती की लागत कई गुना बढ़ गई है। वहीं बिजली सिर्फ छह घंटे मिल रही है, जिसके कारण रबी फसलों की सिंचाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। किसानों ने सख्त लहजे में कहा कि बिजली का दिन का शेड्यूल तय समय पर दिया जाए।
किसान संघ ने रखीं प्रमुख मांगें
- मक्का की खरीद MSP पर अनिवार्य की जाए
- नगद खाद विक्रय केंद्रों को सुचारु रूप से चलाया जाए
- खाद की उपलब्धता उचित दर पर सुनिश्चित की जाए
- किसानों को नियमित और समयबद्ध बिजली मिले
सभा का नेतृत्व भारतीय किसान संघ के तहसील अध्यक्ष संतोष यादव, मंत्री महेश धावले और उपाध्यक्ष शिवदीन सलामे ने किया। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान जल्द नहीं हुआ, तो आंदोलन को व्यापक स्तर पर तेज किया जाएगा।






