Betul Ki Khabar : बैतूल जिला अस्पताल में शुक्रवार को नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (NQAS) की तीन सदस्यीय टीम ने व्यापक निरीक्षण किया। टीम के सदस्यों—डॉ. हर्षा गुप्ता, निलेश गर्ग और संजुलता भार्गव—ने अस्पताल की सेवाओं, प्रक्रियाओं और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं का बारीकी से आकलन किया।
दवाई वितरण केंद्र से शुरू हुआ निरीक्षण
टीम ने सबसे पहले भूतल पर स्थित दवा वितरण केंद्र का जायजा लिया। यहां दवाओं की उपलब्धता, स्टोर की स्थिति और वितरण प्रणाली को परखा गया। दस्तावेज़ सही समय पर अपडेट रखने के लिए निर्देश भी दिए गए।
भोजनशाला की भी ली जानकारी
इसके बाद टीम अस्पताल की भोजनशाला पहुंची। मरीजों के लिए तैयार हो रहे भोजन की गुणवत्ता पर नजर डाली गई। टीम ने पतीलों में रखा भोजन देखा, हालांकि स्वाद या तापमान जैसी गहन जांच नहीं की। भोजनशाला में यह निरीक्षण बेहद संक्षिप्त रहा।
आठ विभागों में की विस्तृत जांच
आरएमओ डॉ. रानू वर्मा के अनुसार, टीम ने देर शाम तक आठ अलग-अलग इकाइयों का सर्वे पूरा किया। मूल्यांकन का मुख्य उद्देश्य यह देखना था कि मरीजों को इलाज कितनी तेजी और कितनी गुणवत्ता के साथ उपलब्ध कराया जा रहा है। निरीक्षण के आधार पर तैयार रिपोर्ट राज्य स्तरीय संगठन को भेजी जाएगी, जिसका नतीजा एक महीने में आने की संभावना है। टीम शनिवार को भी निरीक्षण जारी रखेगी।
हालिया घटनाओं से बढ़ी निगरानी
अस्पताल में हाल ही में आगजनी की घटना और धुएं के चलते वार्ड खाली कराने जैसी स्थितियों ने व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए थे। वहीं एक महिला मरीज की समय पर इलाज न मिलने के बाद हुई मौत पर विवाद भी सामने आ चुका है। इलाज में लापरवाही और कथित रूप से डॉक्टरों द्वारा पैसे मांगने की शिकायतें भी अस्पताल प्रशासन पर दबाव बनाए हुए हैं।
NQAS टीम की अंतिम रिपोर्ट से अस्पताल की वास्तविक स्थिति और सुधार की जरूरतों की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।






