Betul News: आमला में भरण-पोषण आदेश की अवहेलना पर पति को एक साल की सजा

On: November 22, 2025 6:42 AM
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Betul News: बैतूल जिले के आमला में भरण-पोषण न देने के मामले में अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए एक आरोपी को एक वर्ष के साधारण कारावास और 10 हजार रुपये के जुर्माने की सज़ा सुनाई है। दंड घरेलू हिंसा एवं महिला संरक्षण अधिनियम, 2005 की धारा 31 के तहत दिया गया। बताया जा रहा है कि जिले में भरण-पोषण आदेश का पालन न करने पर इस तरह की यह पहली सज़ा है।

यह मामला करीब 14 साल पुराना है। वर्ष 2010 में पीड़िता ने अपने और बच्चों के लिए शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि पति ने बिना तलाक दूसरी शादी कर ली और परिवार के भरण-पोषण से पूरी तरह मुंह मोड़ लिया। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कुशाग्र अग्रवाल की अदालत में मामले की सुनवाई हुई।

सात साल तक नहीं दी एक भी राशि

अदालत ने उस समय पत्नी और दो minor बच्चों के लिए 10,000 रुपये मासिक भरण-पोषण निर्धारित किया था—जिसमें 5,000 रुपये सीआरपीसी 125 के तहत और 5,000 रुपये घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत तय किए गए थे। आदेश जारी होने के बाद भी आरोपी ने 2010 से 2017 तक एक भी किस्त नहीं चुकाई। 2018 में उसने आदेश के खिलाफ अपील दायर की, परंतु वह भी निरस्त हो गई।

अदालत ने माना स्पष्ट उल्लंघन

लगातार आदेश की अनदेखी को अदालत ने संरक्षण प्रावधानों का गंभीर उल्लंघन माना और आरोपी को कारावास की सजा देते हुए जुर्माने की राशि पीड़िता को अदा करने के निर्देश दिए। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता राजेंद्र उपाध्याय ने बताया कि आमला न्यायालय में यह पहला मामला है जिसमें भरण-पोषण आदेश और संरक्षण आदेश दोनों का पालन न करने पर आरोपी को सजा सुनाई गई है।

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