Vaccination Centers Closed : NHM कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित बैतूल। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सोमवार 2 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। जिले के 824 संविदा कर्मचारी नियमितीकरण सहित 8 सूत्रीय मांगों के समर्थन में आंदोलनरत हैं। हड़ताल का असर जिलेभर की स्वास्थ्य सेवाओं पर दिखाई देने लगा है, जिससे टीकाकरण, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों और अन्य सेवाओं का संचालन प्रभावित हुआ है।
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. गोविन्द प्रसाद साहू ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व में की गई घोषणाओं के बावजूद कर्मचारियों की प्रमुख मांगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। कर्मचारियों की मांगों में नियमितीकरण, वेतन विसंगति का निराकरण, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य बीमा, एनपीएस, महंगाई भत्ता तथा समान कार्य के लिए समान वेतन शामिल हैं। मांगों के समाधान नहीं होने पर जिले सहित पूरे प्रदेश के संविदा कर्मचारियों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन कार्यों का बहिष्कार शुरू कर दिया है। संघ ने 8 जून को भोपाल में मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने की चेतावनी भी दी है।
टीकाकरण अभियान पर पड़ा असर
हड़ताल के पहले ही दिन जिले के टीकाकरण कार्यक्रम पर असर देखने को मिला। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में सोमवार को 358 स्थानों पर टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाने थे, लेकिन कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण 63 केंद्रों पर टीकाकरण नहीं हो सका। विभाग ने इन केंद्रों पर बुधवार को नियमित कर्मचारियों के माध्यम से टीकाकरण कराने की व्यवस्था की है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की रिपोर्टिंग बाधित
डेटा एंट्री ऑपरेटरों के हड़ताल में शामिल होने से विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की रिपोर्टिंग प्रभावित हो रही है। इसके अलावा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके), जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप एवं पुनर्वास केंद्र (डीईआईसी) तथा कई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की सेवाओं पर भी असर पड़ा है। जिन स्वास्थ्य संस्थानों में संविदा डॉक्टर पदस्थ हैं, वहां ओपीडी सेवाएं प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है। जिले के कई सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) भी आंदोलन में शामिल हैं।
जिला अस्पताल में अवकाश रद्द
संविदा कर्मचारियों की हड़ताल को देखते हुए जिला अस्पताल प्रशासन ने नियमित कर्मचारियों की छुट्टियां निरस्त कर दी हैं। लेब टेक्नीशियन सहित कई संविदा कर्मचारी हड़ताल पर हैं, जिससे जांच संबंधी सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है। स्वास्थ्य विभाग वैकल्पिक व्यवस्थाओं के जरिए आवश्यक सेवाओं को सुचारू बनाए रखने का प्रयास कर रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने की वैकल्पिक व्यवस्था
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनोज हुरमाड़े ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाएं बाधित न हों, इसके लिए नियमित कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। जिन 63 केंद्रों पर टीकाकरण नहीं हो पाया, वहां बुधवार को व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक लगा दी गई है।
सीएमएचओ के अनुसार आरबीएसके के 24 डॉक्टरों में से कितने कर्मचारी हड़ताल में शामिल हैं, इसकी स्थिति दोपहर तक स्पष्ट होगी। विभाग का दावा है कि अधिकांश स्थानों पर नियमित कर्मचारियों की तैनाती कर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं जारी रखने का प्रयास किया जा रहा है।
हालांकि स्वास्थ्य विभाग की वैकल्पिक व्यवस्थाओं के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, डिलीवरी प्वाइंट्स तथा विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन पर हड़ताल का असर पड़ना तय माना जा रहा है।
