Kamath Water Crisis : मुलताई। ग्राम पंचायत कामथ में गहराते पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सोमवार को सड़क पर दिखाई दिया। गांव में पिछले कई दिनों से पानी की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों ने पंचायत भवन के पास एकत्र होकर प्रदर्शन किया और मुलताई-छिंदवाड़ा मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। इससे मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा।
जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 11 बजे बड़ी संख्या में ग्रामीण पंचायत भवन के पास एकत्र हुए और जलापूर्ति व्यवस्था के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्य सड़क पर बैठ गए। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के कई मोहल्लों में पिछले तीन से चार दिनों से नलों में पानी नहीं आ रहा है। भीषण गर्मी के बीच लोगों को पेयजल के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है, जिससे उनकी दैनिक दिनचर्या प्रभावित हो रही है।
मार्ग जाम की सूचना मिलते ही एसडीएम राजीव काहर और मुलताई पुलिस मौके पर पहुंची। प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने जलापूर्ति व्यवस्था को जल्द दुरुस्त करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद मार्ग खुलवाने की कार्रवाई शुरू की गई।
ग्रामीणों ने बताया कि जल संकट की समस्या को लेकर कई बार पंचायत और संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। उनका कहना है कि टैंकरों के जरिए पानी की व्यवस्था की जा रही है, लेकिन यह सभी परिवारों तक नियमित रूप से नहीं पहुंच पा रही है।
वहीं ग्राम पंचायत कामथ की सरपंच पुष्पा अभिलेश डहारे ने बताया कि गांव का पुराना बोरवेल खराब हो जाने के कारण जलापूर्ति प्रभावित हुई थी। इसके बाद नया बोरवेल कराया गया है, लेकिन गांव की पाइपलाइन काफी पुरानी और जर्जर हो चुकी है। जगह-जगह लीकेज होने के कारण पर्याप्त दबाव से पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है।
सरपंच के अनुसार गांव में करीब 600 नल कनेक्शन हैं और पंचायत लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत गांव में नई पाइपलाइन बिछाने का प्रस्ताव है, जिसके पूरा होने के बाद पेयजल समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा।
फिलहाल ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गर्मी के मौसम को देखते हुए नियमित और पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को पानी के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े।

