Road Accident Betul : भैंसदेही। बैतूल जिले के भैंसदेही क्षेत्र में रविवार रात दो बाइकों की आमने-सामने हुई जोरदार टक्कर में दो युवकों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भैंसदेही में इलाज में लापरवाही के आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया और शव सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया।
जानकारी के अनुसार भैंसदेही-बरहापुर-झल्लार रोड पर दो बाइक आमने-सामने टकरा गईं। टक्कर इतनी भीषण थी कि पोहर निवासी जगदीश अडलक की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं मालेगांव निवासी अंकुश वाघमारे को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
हादसे में घायल भूपेंद्र वाघमारे (22) और सुनीता जगदीश (38) को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल बैतूल रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
घटना के बाद मृतकों के परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां डॉक्टरों और ग्रामीणों के बीच तीखी बहस हो गई। लोगों ने आरोप लगाया कि ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर अभिषेक भलावी ने गंभीर घायलों को समय पर नहीं देखा।
मृतक अंकुश वाघमारे के पिता दिनेश वाघमारे ने आरोप लगाया कि डॉक्टर अपने केबिन में बैठे रहे और उनके बेटे को देखने तक नहीं आए। उनका कहना था कि जब परिजनों ने डॉक्टर से विनती की तो उन्होंने कहा, “खुद जाकर देख लो।”
इलाज में लापरवाही से नाराज ग्रामीणों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और दोनों शवों को सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। स्थिति बिगड़ने पर एसडीएम अजीत मरावी, एसडीओपी और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। भैंसदेही और आठनेर से अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया।
मामले को शांत कराने के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनोज हुरमाड़े भी भैंसदेही पहुंचे। उन्होंने मामले की जांच कराने और दोषियों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
स्थानीय लोगों ने यह मुद्दा भी उठाया कि भैंसदेही जैसे बड़े स्वास्थ्य केंद्र में पूर्णकालिक बीएमओ (ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर) की नियुक्ति नहीं है। वर्तमान में भीमपुर के बीएमओ डॉ. दीपक निगवाल को भैंसदेही का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
