Multai Water Crisis : मुलताई। भीषण गर्मी के चलते नगर में जल संकट लगातार गहराता जा रहा है। शहर के कुओं और बोरवेलों का जलस्तर तेजी से गिरने लगा है, जिससे पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। नगर पालिका के 28 बोरवेलों में से करीब 10 का जलस्तर काफी नीचे पहुंच गया है, जबकि कुछ पूरी तरह सूख चुके हैं।
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि नगर के 10 हैंडपंपों में से 2 ने पानी देना बंद कर दिया है। इससे स्थानीय रहवासियों को रोजमर्रा के कामों के लिए पानी जुटाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जल संरक्षण के लिए सोकपीट निर्माण तेज
जल संकट से निपटने के लिए नगर पालिका ने जल संरक्षण की दिशा में पहल शुरू की है। शहर के बोरवेल और हैंडपंपों के पास करीब 100 फीट गहरे सोकपीट (रीचार्ज पिट) का निर्माण कराया जा रहा है, ताकि वर्षा जल को जमीन में समाहित कर भूजल स्तर को बढ़ाया जा सके।
अब तक 20 से अधिक जल स्रोतों के पास सोकपीट का निर्माण पूरा किया जा चुका है, जबकि अन्य स्थानों पर कार्य तेजी से जारी है।
अधिकारियों ने बताया—जलस्तर बनाए रखना चुनौती
नगर पालिका के सीएमओ वीरेंद्र तिवारी और सब इंजीनियर योगेश अनेराव ने बताया कि गर्मी के मौसम में जल स्रोतों का जलस्तर बनाए रखना बड़ी चुनौती बन जाता है। उन्होंने कहा कि सोकपीट निर्माण का मुख्य उद्देश्य वर्षा जल का अधिकतम संचयन कर उसे सीधे जमीन में पहुंचाना है।
अधिकारियों के अनुसार, इस पहल से भविष्य में जल संकट को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा।
नागरिकों से अपील
नगर पालिका ने नागरिकों से अपील की है कि वे पानी का उपयोग सोच-समझकर करें और अनावश्यक बर्बादी से बचें, ताकि सभी को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध हो सके।
