Child Marriage Prevention : बैतूल। जिले में बाल विवाह के खिलाफ प्रशासन लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। इसी कड़ी में बैतूल विकासखंड के ग्राम झगड़िया में शुक्रवार को दो नाबालिग लड़कियों की शादी समय रहते रुकवा दी गई। महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि गांव में 4 मई को दो बाल विवाह प्रस्तावित हैं।
पहले मामले में 17 वर्षीय बालिका (जन्म 6 जून 2009) की शादी तय थी। सूचना मिलते ही जिला कार्यक्रम अधिकारी के निर्देश पर परियोजना अधिकारी, सेक्टर सुपरवाइजर और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की मौजूदगी में परिजनों को समझाया गया कि 18 वर्ष से कम उम्र में विवाह कराना कानूनन अपराध है और इससे बालिका के स्वास्थ्य व भविष्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। समझाइश के बाद परिवार ने विवाह रोकने पर सहमति दे दी।
इसी दौरान टीम को गांव में ही एक अन्य 17 वर्षीय बालिका की शादी की जानकारी मिली, जो 4 मई को ही होने वाली थी। अधिकारियों ने वहां पहुंचकर परिजनों को कानून और बाल विवाह के दुष्परिणामों से अवगत कराया। इसके बाद दूसरे परिवार ने भी बेटी के बालिग होने तक विवाह टालने का निर्णय लिया।
पहले भी हुई कार्रवाई
इससे पहले 23 अप्रैल को आमला विकासखंड के खारी गांव में भी प्रशासन ने समय रहते हस्तक्षेप कर एक बाल विवाह रुकवाया था। उस दौरान बारात आने से पहले ही टीम मौके पर पहुंच गई थी। हालांकि, परिजनों ने यह कहते हुए नाराजगी जताई थी कि यदि उन्हें पहले जानकारी मिलती तो शादी की तैयारियों में हुआ खर्च बच सकता था।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा को रोकने में सहयोग करें। ऐसी किसी भी सूचना की जानकारी तुरंत संबंधित विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर नाबालिगों का भविष्य सुरक्षित किया जा सके।
