Betul Soldier Death : बैतूल। जिले के ग्राम सेहरा निवासी भारतीय सेना के सेवारत सैनिक सूबेदार दयानंद लिल्होरे का उपचार के दौरान निधन हो गया। शनिवार को उनके पैतृक गांव में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और पूर्व सैनिक शामिल हुए।
सूबेदार दयानंद लिल्होरे भारतीय सेना की ईएमई (EME) कोर में पदस्थ थे और ग्वालियर में सेवा दे रहे थे। जानकारी के अनुसार, वे 9 मार्च को अपनी भांजी की शादी में शामिल होने गांव आए थे, जहां अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई।
पहले उनका तीन दिन तक लश्कर में इलाज चला, इसके बाद नागपुर में दो दिन भर्ती रखा गया। स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर उन्हें ग्वालियर यूनिट ले जाया गया, जहां हालत और गंभीर हो गई। इसके बाद सेना द्वारा उन्हें दिल्ली के आर एंड आर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 26 मार्च को दोपहर करीब 2:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

दिल्ली से नागपुर और फिर बैतूल लाया गया पार्थिव शरीर
सेना द्वारा उनका पार्थिव शरीर दिल्ली से विमान के माध्यम से नागपुर लाया गया, जहां से सड़क मार्ग से बैतूल जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया। शनिवार सुबह शहीद भवन में अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव देह रखी गई, जहां विधायक, तहसीलदार, एसडीएम, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी, पूर्व सैनिकों सहित कई लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित की।
इसके बाद सैन्य सम्मान के साथ अंतिम यात्रा ग्राम सेहरा के लिए रवाना हुई। पुलिस पायलट और सुरक्षा व्यवस्था के बीच गांव पहुंची अंतिम यात्रा में भारतीय सेना द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। ताप्ती घाट कोलगांव में पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
स्वर्गीय सूबेदार दयानंद अपने पीछे माता कला बाई, पिता ओमकार लिल्होरे, पत्नी, 15 वर्षीय पुत्र और मेडिकल शिक्षा प्राप्त कर रही पुत्री को छोड़ गए हैं। परिवार पहले भी गहरे सदमे से गुजर चुका है, क्योंकि करीब चार वर्ष पूर्व उनके भाई बलराम की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो चुकी थी।






