Betul News : बैतूल जिले में खरीफ सीजन की तैयारियों के बीच किसानों को उर्वरक की कमी और ई-टोकन सिस्टम की खामियों से जूझना पड़ रहा है। समस्या से परेशान किसानों ने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर जल्द समाधान की मांग की है। किसानों का कहना है कि समय पर खाद नहीं मिलने से बुवाई प्रभावित हो रही है और फसल खराब होने का खतरा बढ़ गया है।
ई-टोकन सिस्टम पर उठे सवाल
किसानों ने बताया कि ई-टोकन व्यवस्था पूरी तरह अव्यवस्थित है। पोर्टल पर किसानों के वास्तविक रकबे दर्ज नहीं दिख रहे, जबकि खेतों में फसलें लगी हुई हैं। कृषि विभाग की अनुशंसा के बावजूद भी पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध नहीं कराया जा रहा। कई किसान समितियों और वितरण केंद्रों के बार-बार चक्कर लगाने को मजबूर हैं, लेकिन उन्हें जरूरत के मुताबिक खाद नहीं मिल पा रहा।
स्टॉक होने के बावजूद वितरण में बाधा
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि अन्य जिलों में उर्वरक की आपूर्ति सुचारु है, लेकिन बैतूल में पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद वितरण सही तरीके से नहीं हो रहा। कई किसानों को एक बार में सीमित मात्रा में ही खाद दिया जा रहा है, जो उनकी जरूरतों के लिए नाकाफी है।
गर्मी में बढ़ी परेशानी
भीषण गर्मी के बीच फसलों को पानी और खाद की सख्त जरूरत है। ऐसे में उर्वरक की कमी किसानों की चिंता और बढ़ा रही है। किसानों ने मांग की है कि ई-टोकन सिस्टम और पोर्टल को तत्काल दुरुस्त कर वास्तविक रकबे के आधार पर खाद का वितरण सुनिश्चित किया जाए।
आंदोलन की चेतावनी
किसानों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 19 मई तक समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। इसमें शहर बंद, ट्रैक्टर रैली और धरना-प्रदर्शन जैसे कदम शामिल हो सकते हैं।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन बढ़ते असंतोष के बीच जल्द समाधान
