Betul Road Development : बैतूल केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर बैतूल से बरेठा घाट के बीच 22 किलोमीटर लंबी ‘टाइगर कॉरिडोर परियोजना’ को मंजूरी दे दी है। करीब 758 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली इस फोरलेन सड़क से क्षेत्र की यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है।
खतरनाक घाट मार्ग से मिलेगी राहत
वर्तमान में बरेठा घाट का मार्ग संकरा और अत्यंत जोखिम भरा है। तीखे मोड़, भारी वाहनों का दबाव और बार-बार लगने वाले जाम यात्रियों के लिए बड़ी समस्या बने हुए हैं। नई फोरलेन सड़क बनने से इन दिक्कतों से राहत मिलेगी और सफर ज्यादा सुरक्षित व सुगम हो जाएगा।
वन्यजीवों के लिए भी सुरक्षित होगा कॉरिडोर
यह क्षेत्र सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के प्रभाव क्षेत्र में आता है, जहां बाघों समेत कई वन्यजीवों की आवाजाही रहती है। परियोजना को पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप डिजाइन किया जाएगा, जिससे वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके और सड़क विकास के साथ संतुलन बना रहे।
NHAI ने तैयार किया प्रोजेक्ट प्लान
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा इस परियोजना की विस्तृत तैयारी पहले ही पूरी कर ली गई थी। केंद्रीय मंत्री ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की, जिसके बाद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने इसे बड़ी उपलब्धि बताया है।

नागपुर कनेक्टिविटी होगी मजबूत
इस कॉरिडोर के बनने से बैतूल जिले को सीधा लाभ मिलेगा। व्यापार, परिवहन और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही नागपुर और मध्य प्रदेश के अन्य हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी तेज और सुरक्षित हो जाएगी।
क्षेत्र के विकास को मिलेगा नया आयाम
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना न सिर्फ यातायात सुधार लाएगी, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी गति देगी। आने वाले समय में बैतूल और आसपास के क्षेत्रों में विकास के नए अवसर खुलेंगे।






