Mahavir Jayanti : मुलताई में सोमवार को महावीर जयंती के अवसर पर जैन समाज द्वारा भव्य शोभायात्रा निकाली गई। सुबह 9 बजे शुरू हुई इस शोभायात्रा में सकल जैन समाज के सैकड़ों श्रद्धालु उत्साहपूर्वक शामिल हुए। पूरे नगर में धार्मिक वातावरण बना रहा और श्रद्धा का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।
शोभायात्रा के दौरान भगवान महावीर की प्रतिमा को सुसज्जित पालकी में विराजमान कर नगर भ्रमण कराया गया। श्रद्धालुओं ने सोने-चांदी के कलशों से भगवान का जलाभिषेक किया और मंदिर में ध्वजारोहण किया गया। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया।
इस अवसर पर जैन समाज के लोगों ने भगवान महावीर के बताए पंचशील सिद्धांतों—सत्य, अहिंसा, अचौर्य, अपरिग्रह और ब्रह्मचर्य—का महत्व बताया। वक्ताओं ने कहा कि इन सिद्धांतों को अपनाकर ही जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है। महावीर स्वामी ने 12 वर्षों के कठोर तप से आत्मसंयम और त्याग का जो संदेश दिया, वह आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान महावीर के जन्म से पूर्व उनकी माता त्रिशला को 16 शुभ स्वप्न आए थे, जिनका अर्थ यह था कि उनका पुत्र एक महान ज्ञानी और धर्म का प्रचारक बनेगा।

शोभायात्रा के समापन के बाद नगर के जैन मंदिर में विशेष पूजन-अर्चना का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। महावीर जयंती के उपलक्ष्य में दिनभर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्ति और आस्था का माहौल बना हुआ है।






