Betul News : बैतूल। मुलताई क्षेत्र के ग्राम खेड़ीरामोशी में जमीन नापने को लेकर हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में पुलिस द्वारा 34 आदिवासियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने के विरोध में आदिवासी कांग्रेस ने प्रदर्शन कर कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
जानकारी के अनुसार, भाजपा नेता भास्कर मगरदे के साथ प्रशासन और पुलिस की टीम गांव में जमीन नापने पहुंची थी। इसी दौरान विवाद की स्थिति बन गई, जिसके बाद पुलिस ने 34 आदिवासियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
एसपी कार्यालय पहुंचा आदिवासी कांग्रेस का प्रदर्शन
इस कार्रवाई के विरोध में आदिवासी कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष रामू टेकाम, पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे और जिला कांग्रेस अध्यक्ष निलय डागा के नेतृत्व में कार्यकर्ता एसपी कार्यालय पहुंचे। यहां प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपते हुए दर्ज एफआईआर को निरस्त करने की मांग की गई।
रामू टेकाम ने आरोप लगाया कि संबंधित जमीन पहले आदिवासियों की थी, जिसे बाद में भाजपा नेता द्वारा खरीदा गया। उन्होंने पूरे घटनाक्रम में प्रशासनिक अमले की भूमिका पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
महिला ने लगाए मारपीट और अभद्रता के आरोप
घटना को लेकर 70 वर्षीय आदिवासी महिला जेलों बाई ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, जब प्रशासनिक टीम गांव पहुंची तो धक्का-मुक्की शुरू हो गई और पुलिस ने लाठीचार्ज किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान महिलाओं के साथ अभद्रता की गई और कपड़े तक खींचे गए, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया।
एकतरफा कार्रवाई का आरोप
आदिवासी पक्ष का कहना है कि पूरे मामले में एकतरफा कार्रवाई करते हुए पीड़ितों के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज की गई है, जबकि असली दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
ज्ञापन में मांग की गई है कि मामले की निष्पक्ष जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी या स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए। साथ ही आईपीसी और एससी-एसटी एक्ट के तहत दोषियों पर कड़ी कार्रवाई, दर्ज एफआईआर निरस्त करने, पीड़ितों को सुरक्षा देने, नुकसान का आकलन कर मुआवजा दिलाने और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच की जाए।






