Multai Khabar : मुलतई। मुलतई नगर की जीवनदायिनी ताप्ती नदी के सौंदर्यीकरण के लिए मध्य प्रदेश सरकार द्वारा स्वीकृत 50 लाख रुपए की राशि दो महीने पहले ही नगर पालिका के खाते में आ चुकी है। इसके बावजूद अब तक इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार नहीं हो सकी है, जिससे सौंदर्यीकरण कार्य शुरू होने में देरी हो रही है।
ताप्ती नदी मुलतई नगर की आस्था और पहचान का प्रमुख केंद्र है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और पूजन के लिए पहुंचते हैं। लंबे समय से नदी क्षेत्र के सौंदर्यीकरण की मांग उठती रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने घाटों के सुधार, सफाई व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक विकास कार्यों के लिए 50 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की थी।
डीपीआर न बनने से अटका काम
राशि मिलने के बावजूद नगर पालिका के अधिकारी अभी तक यह तय नहीं कर पाए हैं कि इस धनराशि का उपयोग किन-किन कार्यों में किया जाएगा। डीपीआर तैयार न होने के कारण योजना की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। इससे ताप्ती नदी के सौंदर्यीकरण कार्य शुरू होने की उम्मीद फिलहाल दूर नजर आ रही है।

जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर उठे सवाल
इस मामले में नगर के जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ताप्ती नदी नगर की आस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है, इसके बावजूद इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। उनका मानना है कि यदि समय रहते योजना तैयार कर कार्य शुरू किया जाए तो नदी क्षेत्र का विकास होगा और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
सामाजिक संगठनों ने जताई चिंता
नगर के सामाजिक संगठनों और ताप्ती भक्तों ने सौंदर्यीकरण कार्य में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि ताप्ती नदी नगर की आस्था का केंद्र है, इसलिए इसके विकास कार्य में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
संगठनों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द से जल्द डीपीआर तैयार कर सौंदर्यीकरण कार्य शुरू कराने की मांग की है, ताकि सरकार द्वारा दी गई राशि का समय पर उपयोग हो सके और ताप्ती क्षेत्र का विकास सुनिश्चित हो।
क्या बोले सीएमओ
नगर पालिका के सीएमओ वीरेंद्र तिवारी ने बताया कि यह सही है कि करीब दो महीने पहले राशि मिल चुकी है, लेकिन अभी तक डीपीआर तैयार नहीं हो पाई है। डीपीआर तैयार होने के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।






