Multai News : क्षेत्र में एंबुलेंस सेवाओं की स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है। पिछले चार महीनों से अस्पताल को आवंटित चार में से दो आपातकालीन वाहन खराब पड़े हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं और गंभीर मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है।
जानकारी के अनुसार, मुलताई अस्पताल को कुल दो एंबुलेंस और दो जननी वाहन आवंटित किए गए थे। इनमें से एक बीएलएस एंबुलेंस और एक एलएस वाहन पिछले तीन महीने से खराब हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को केवल दो जननी वाहनों के सहारे आपातकालीन सेवाएं संचालित करनी पड़ रही हैं। ये वाहन भी मुख्य रूप से गर्भवती महिलाओं को लाने-ले जाने में उपयोग हो रहे हैं, जबकि दुर्घटनाओं में घायल मरीजों को मजबूरी में निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचाया जा रहा है।

स्थानीय निवासी मनोज पवार और नीलू बारंगे ने बताया कि सड़क दुर्घटना या गंभीर मरीज की सूचना मिलने के बावजूद एंबुलेंस समय पर घटनास्थल पर नहीं पहुंच पाती। कई बार घायलों को पुलिस की जीप या राहगीरों के निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। इस देरी के कारण मरीजों की हालत बिगड़ जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि एंबुलेंस के इंतजार में कीमती समय बर्बाद होता है और निजी वाहन का उपयोग करने पर गरीब परिवारों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है। शिकायतों के बावजूद खराब पड़े वाहनों की मरम्मत नहीं कराई गई, जिससे आपातकालीन सेवाएं लगातार प्रभावित हो रही हैं।
क्षेत्रवासियों ने स्वास्थ्य विभाग से खराब एंबुलेंस और जननी वाहनों की तत्काल मरम्मत कराने के साथ ही पर्याप्त संख्या में वाहन उपलब्ध कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि समय पर उपचार मिलने से कई गंभीर मरीजों की जान बचाई जा सकती है।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज हुरमारे ने बताया कि एंबुलेंस की देखरेख कर रही कंपनी से लगातार बात की जा रही है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि वाहनों की मरम्मत जल्द से जल्द कराई जाए, ताकि एंबुलेंस सेवा पुनः सुचारू रूप से शुरू हो सके।






