MP. News : बैतूल में स्क्रब टायफस पर अलर्ट: विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे ने विधानसभा में उठाया मुद्दा

On: February 28, 2026 8:39 AM
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MP. News : भोपाल/बैतूल। बैतूल आमला विधानसभा क्षेत्र के विधायक Dr. Yogesh Pandagre ने विधानसभा सत्र के दौरान स्क्रब टायफस को गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बताते हुए प्रदेश सरकार से इसके व्यापक सर्वेक्षण और प्रभावी नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।

उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम से लेकर सितंबर-अक्टूबर तक बैतूल, Chhindwara, Harda और आसपास के जिलों में यह बीमारी तेजी से फैल रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य संकट की स्थिति बन रही है।

“मिशन मोड” में नियंत्रण की जरूरत

डॉ. पंडाग्रे ने कहा कि जिस तरह मलेरिया उन्मूलन के लिए विशेष अभियान चलाए जाते हैं, उसी प्रकार स्क्रब टायफस को भी मिशन मोड में नियंत्रित किया जाना चाहिए। इसके लिए हॉट स्पॉट की पहचान, व्यापक सर्वेक्षण और जनजागृति अभियान चलाना आवश्यक है।

उन्होंने चेतावनी दी कि समय पर इलाज न मिलने पर यह बीमारी मरीजों के किडनी, फेफड़े और लीवर को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है।

निशुल्क इलाज और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की मांग

विधायक ने स्क्रब टायफस को आयुष्मान योजना में शामिल करने की मांग की, ताकि प्रभावित मरीजों को निशुल्क उपचार मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने बैतूल के अस्पतालों में रेडियोलॉजिस्ट और एनेस्थेटिक विशेषज्ञों की कमी दूर करने पर भी जोर दिया।

उन्होंने अस्पतालों में सेवाओं और शुल्क की स्पष्ट जानकारी के लिए “मेन्यू कार्ड” (सेवा एवं शुल्क सूची) प्रदर्शित करने की मांग की, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को पारदर्शी जानकारी मिल सके।

क्या है स्क्रब टायफस?

स्क्रब टायफस एक बैक्टीरियल बीमारी है, जो संक्रमित चिगर्स (माइट के लार्वा) के काटने से फैलती है। यह झाड़ियों और घास वाले ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक पाई जाती है।

मुख्य लक्षण:

  • तेज बुखार
  • सिरदर्द
  • मांसपेशियों में दर्द
  • कमजोरी
  • ठंड लगना व पसीना आना
  • काटे गए स्थान पर काला घाव (कुछ मामलों में)

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर उपचार न मिलने पर यह बीमारी फेफड़े, किडनी और लीवर को नुकसान पहुंचा सकती है।

समय पर इलाज से संभव है पूर्ण स्वस्थता

इस बीमारी का उपचार एंटीबायोटिक्स जैसे डॉक्सीसाइक्लिन या एज़िथ्रोमाइसिन से किया जाता है। समय पर इलाज मिलने पर मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य भारत और महाराष्ट्र के कई जिलों में स्क्रब टायफस मौसमी खतरे के रूप में उभर रहा है, इसलिए जागरूकता, समय पर जांच और उपचार अत्यंत आवश्यक है।

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