Betul Suicide News: बैतूल। कर्ज और फसल नुकसान के दोहरे मार से जूझ रहे किसानों की पीड़ा का एक और मार्मिक मामला बैतूल जिले के चिचला ढाना गांव में सामने आया है। मंगलवार दोपहर 7 लाख 50 हजार रुपये के भारी कर्ज से दबे एक 50 वर्षीय किसान ने अपने घर पर ही जहरीला पदार्थ (कीटनाशक) पी लिया। परिजनों ने उन्हें तुरंत जिला अस्पताल बैतूल में भर्ती कराया, जहाँ उनकी जिंदगी बचाने के प्रयास जारी हैं।
घर लौटने पर परिजनों को मिला बेहोश
पीड़ित किसान की पहचान कालूराम पिता कुंवरलाल पन्द्रम (50) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, घटना के समय कालूराम के परिवार के अन्य सदस्य खेत पर काम करने गए थे। जब परिजन घर लौटे, तो उन्होंने कालूराम को बेहोश हालत में पाया। इसके बाद, बिना समय गंवाए निजी वाहन से उन्हें तत्काल जिला अस्पताल पहुँचाया गया।
17 एकड़ की फसल हुई पूरी तरह बर्बाद
अस्पताल में किसान कालूराम ने बताया कि उन पर करीब 7 लाख 50 हजार रुपये का कर्ज है। इस कर्ज को चुकाने की उम्मीद में उन्होंने 17 एकड़ जमीन ठेके पर लेकर सोयाबीन की फसल बोई थी। लेकिन दुर्भाग्यवश, इस बार पूरी की पूरी फसल खराब हो गई। इस भारी आर्थिक नुकसान और कर्ज की चिंता ने उन्हें इतना तोड़ दिया कि उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।
जिला अस्पताल की ओपीडी में तैनात डॉ. मीनाक्षी अंबुलकर ने बताया कि किसान को भर्ती करते समय उसने कीटनाशक पीने की पुष्टि की। डॉक्टरों ने तुरंत पेट की सफाई की और फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर है। डॉक्टरों की टीम ने बताया कि किसान को अगले 48 घंटे तक सघन निगरानी में रखा जाएगा। इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर किसानों के सामने खड़ी गंभीर चुनौतियों और कर्ज मुक्ति के मुद्दे को उजागर कर दिया है।






